ग्रीन एनर्जी से संचालित होगी लखनऊ की एआई सिटी

WhatsApp Channel Join Now
ग्रीन एनर्जी से संचालित होगी लखनऊ की एआई सिटी


-डेटा सेंटर्स और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वच्छ ऊर्जा होगी अनिवार्यता

लखनऊ, 06 जनवरी (हि.स.)। लखनऊ में प्रस्तावित एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिटी को पूरी तरह ग्रीन एनर्जी आधारित मॉडल पर विकसित किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में ऊर्जा की आपूर्ति सोलर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ स्रोतों से की जाएगी। सरकार का उद्देश्य एआई और डेटा आधारित तकनीकों के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान रूप से प्राथमिकता देना है।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि एआई सिटी में स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की ऊर्जा जरूरतें केवल पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर नहीं होंगी। इसके लिए सौर ऊर्जा आधारित सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और ऊर्जा लागत भी नियंत्रित रहेगी। उन्हाेंने बताया कि यह मॉडल भविष्य की तकनीकी परियोजनाओं के लिए एक मानक के रूप में काम करेगा। एआई परियोजना में ग्रीन हाइड्रोजन को भी अहम स्थान दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना एआई सिटी के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम, औद्योगिक संचालन और स्मार्ट सुविधाओं में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग की है। इससे उत्तर प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा जो हाइड्रोजन आधारित स्वच्छ ऊर्जा को व्यवहारिक स्तर पर अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन में उत्तर प्रदेश लीडर स्टेट के रूप में नजर आता है।

उन्होंने बताया कि एआई सिटी में डेटा सेंटर्स को वैश्विक पर्यावरण और ऊर्जा दक्षता मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। ग्रीन एनर्जी आधारित डेटा सेंटर्स से प्रदेश को वैश्विक तकनीकी कंपनियों का भरोसा मिलेगा। प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक अब उन स्थानों को वरीयता दे रहे हैं, जहां पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का स्पष्ट रोडमैप हो। उत्तर प्रदेश इसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। एआई सिटी के विकास में ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट को अनिवार्य किया जाएगा। भवन निर्माण में ऊर्जा कुशल सामग्री, प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग और जल संरक्षण से संबंधित प्रणालियों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही स्मार्ट मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे कि निजी वाहनों पर निर्भरता को घटाया जाए और प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि योगी सरकार का प्रयास है कि एआई सिटी परियोजना के लाभ को केवल प्रोद्योगिकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने दिया जाए। स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास से स्थानीय स्तर पर बेहतर पर्यावरण, स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। एआई सिटी को इस प्रकार से डिजाइन किया जा रहा है कि वह तकनीक, उद्योग और समाज तीनों के लिए टिकाऊ समाधान प्रस्तुत कर सके।

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला

Share this story