उप्र पंचायत चुनाव : 26 मई को खत्म हो रहा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल,ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने की तैयारी

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उप्र पंचायत चुनाव : 26 मई को खत्म हो रहा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल,ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने की तैयारी


लखनऊ, 24 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलबाजी खत्म हो गई है। प्रदेश में पंचायत चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे। प्रदेश की 57 हजार 695 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई काे खत्म हो रहा है। अंतिम दिन से पहले ही पंचायतीराज विभाग ने प्रधानों काे प्रशासक नियुक्त करने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया है। माना जा रहा है कि सैद्धांतिक रूप से हरी झंडी मिल गई है और कार्यकाल खत्म होते ही जिलाधिकारियों द्वारा ग्राम प्रधानाें काे प्रशासक नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। यह पहली बार हाेगा जब ग्राम प्रधानाें काे प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। इसके पहले तक एडीओ पंचायत ही प्रशासक नियुक्त हाेते रहें हैं।

उत्तर प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव 2026 अब विधानसभा चुनाव 2027 के बाद ही होंगे। इसकी वजह यह है कि पंचायताें में आरक्षण प्रक्रिया तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित करने में देरी से पंचायत चुनाव का समय निकल गया और अब 26 मई को प्रदेश की 57, 694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। इसके बाद कामकाज देखने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति होगी। पंचायत राज विभाग ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है और जानकारी मिली है कि इस प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मान भी लिया है। ऐसे में ग्राम प्रधान अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों के प्रशासक बनेंगे।

पंचायत राज विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ग्राम प्रधानों को प्रशासक नामित किए जाने के प्रस्ताव पर कहा कि ऐसा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। अंतिम फैसला शासन स्तर से होगा और वहां से निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। वहीं इस मुद्दे पर पंचायती राजमंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न होने की दशा में विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज विभाग का विचार है कि ग्राम प्रधान के नेतृत्व में प्रशासक नियुक्त किया जाए। वैसे इस पर मुख्यमंत्री जो भी उचित होगा इस पर निर्णय लेंगे।

विधानसभा चुनाव के बाद होंगे पंचायत चुनाव

पंचायतों में आरक्षण तय करने के लिए सरकार ने समर्पित पिछडा वर्ग आयोग का गठन कर दिया है। यह आयोग अपनी रिपोर्ट देगा और माना जा रहा है कि इसमें कुछ माह का समय लगेगा। इसके बाद सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। यह प्रक्रिया होते होते विधानसभा चुनाव आ जाएंगे ओर विधानसभा चुनाव कराना पहली प्राथमिकता होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव विधासनसभा चुनाव 2027 के बाद होंगे, विधानसभा चुनाव अगले साल जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित है।

ग्राम प्रधानों को राहत

ग्राम प्रधानों को डर सता रहा था किे अगर अधिकारियों को प्रशासक पद पर नियुक्त किया गया तो ग्राम पंचायतों के कार्य प्रभावित होंगे, लेकिन अब ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक नामित किए जाने की तैयारी से लग रहा है कि ग्रामों के कार्य जारी रहेंगे। ग्राम प्रधान संघ ने भी जगह-जगह सभाएं करके प्रधानाें काे ही प्रशासक नामित करने की मांग की थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

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