नया शैक्षिक सत्र आज से शुरु, आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन में ‘प्रवेश उत्सव‘ कार्यक्रम में राज्यपाल ने दिया आशीर्वचन
बच्चों की रुचि एवं क्षमता के अनुसार उनका सर्वांगीण विकास करें —राज्यपालराज्यपाल ने विद्यालय के प्रत्येक कक्षा का भ्रमण कर विद्यार्थियों से संवाद कियाअभिभावकों और शिक्षकों का यह दायित्व है कि बच्चों की रूचि एवं क्षमता के अनुसार उन्हें तैयार करें—राज्यपाल
लखनऊ , 01 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में आज एक अप्रैल से नए सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गयी। नए सत्र के पहले दिन प्रार्थना समय में विद्यार्थियों काे प्रेरक प्रसंगाें के साथ सकारात्मक संबाेधन दिया गया। प्रदेश व्यापी स्कूल चलो अभियान शुरू किया गया है। वहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं गरिमामयी उपस्थिति में आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन लखनऊ में शैक्षिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत पूर्व से अध्ययनरत एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आज ‘प्रवेश उत्सव‘ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
नये शैक्षिक सत्र की तैयारियों के मद्देनजर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से पूर्व में ही दिशा निर्देश जारी किये जा चुके हैं। इनमें कहा गया है कि विद्यार्थियों में स्क्रीन टाइम कम करने के लिए समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रार्थना सभा में समाचार पत्रों के प्रमुख समाचारों को छात्र पढ़कर सुनाएंगे। इसी प्रकार कई अन्य निर्देश हैं।
स्कूल चलो अभियान शुरु
दो चरणों में स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। इनमें पहला चरण एक से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण एक से 15 जुलाई तक चलाया जाएगा। प्रथम चरण का अभियान आज एक अप्रैल से बेसिक व माध्यमिक विद्यालय में स्कूल चलो अभियान भी शुरू कर दिया गया है। इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में रैलियां निकाल कर शिक्षा का महत्व बताया गया। नए सत्र में विभिन्न प्रकार की शैक्षिक गतिविधियां आगे बढ़ाने के लिए कंपोजिट ग्रांट के उपयोग के लिए कहा गया है।
जन भवन में ‘प्रवेश उत्सव‘ कार्यक्रम हुआ आयोजित
प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं गरिमामयी उपस्थिति में नए सत्र के पहले दिन आज बुधवार काे आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन में शैक्षिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत पूर्व से अध्ययनरत एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आज ‘प्रवेश उत्सव‘ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा बैंड की स्वागत धुन प्रस्तुत कर राज्यपाल के अभिनंदन के साथ हुआ। तत्पश्चात राज्यपाल विद्यार्थियों के साथ विद्यालय पहुंचीं, जहां तिलक एवं स्वागत के उपरांत सभी ने स्थान ग्रहण किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा “मनुष्य तू बड़ा महान है” प्रार्थना प्रस्तुत की गई। साथ ही कंप्यूटर प्रकोष्ठ द्वारा विद्यालय में प्रवेश हेतु आयोजित नामांकन शिविरों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।
राज्यपाल नेविद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासित जीवन जीने के लिये किया प्रेरित
अपने संबोधन में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासित जीवन जीने तथा एक अच्छे व्यक्ति बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब मैदान में हों, तो खेल गतिविधियों और जब कक्षा में हों, तो पढ़ाई में ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों के बारे में संवाद किया। किसी ने फौजी तो किसी ने डॉक्टर, कोई शिक्षक तो कोई वकील, तो किसी ने पुलिस बनने की इच्छा व्यक्त की। राज्यपाल ने कहा कि फौजी बनने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद भी जरूरी है। शरीर मजबूत होना चाहिए, रोज दौड़ना चाहिए। जो डॉक्टर बनना चाहते हैं, उन्हें गणित, विज्ञान, जीव विज्ञान आदि विषयों पर ध्यान देना चाहिए। जो वकील बनना चाहते हैं उन्हें भाषा पर प्रभुत्व होना चाहिए।
राज्यपाल ने अभिभावकों से संवाद करते हुए उन्हें बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही गरीबी से बाहर निकलने का सशक्त माध्यम है और जीवन में कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने, उनकी प्रगति पर ध्यान देने, पीटीएम में भाग लेने तथा बच्चों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने की अपील की।
बच्चों की रुचि एवं क्षमता के अनुसार हाे उनका सर्वांगीण विकास
उन्होंने बच्चों की रुचि एवं क्षमता के अनुसार उनके सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों का यह दायित्व है कि बच्चों की रूचि एवं क्षमता के अनुसार उन्हें तैयार करें। विद्यालय में उपलब्ध संगीत, नाटक, पेंटिंग आदि गतिविधियों के माध्यम से भी बच्चों को आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने अनुशासन, समयबद्धता एवं अच्छे संस्कारों के महत्व को रेखांकित किया तथा हैंडराइटिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विद्यालय के प्रत्येक कक्षा का भ्रमण कर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कक्ष का निरीक्षण किया तथा मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर विशेष सचिव प्रकाश गुप्ता ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। विशेष सचिव ने आगे कहा कि राज्यपाल जी के शिक्षा के प्रति समर्पण और गंभीरता को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से ही इस विद्यालय की स्थापना संभव हो सकी है। विद्यालय की प्रधानाचार्य रश्मि पांडे ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए इसे एक विशिष्ट अवसर बताया। प्रधानाचार्य अनुपमा मंडल ने शिक्षा को बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार बताया।
कार्यक्रम में कक्षा 06 की छात्रा सोनाक्षी एवं कक्षा 09 की छात्रा नव्या गुप्ता ने विद्यालय की विशेषताओं पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष कार्याधिकारी अशोक देसाई, जन भवन के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, विद्यालय के शिक्षक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

