प्रयागराज के रज्जू भैया विश्वविद्यालय में राज्यपाल ने 25 नवनिर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का लोकार्पण

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प्रयागराज के रज्जू भैया विश्वविद्यालय में राज्यपाल ने 25 नवनिर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का लोकार्पण


प्रयागराज के रज्जू भैया विश्वविद्यालय में राज्यपाल ने 25 नवनिर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का लोकार्पण


-आत्मनिर्भरता विकल्प नहीं आज की आवश्यकता, भारत बन रहा परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता : राज्यपाल

-विद्यार्थियों का जीवन स्वयं एक प्रयोगशाला है, जहां नित्य नूतन विचारों का व्यवहार होना चाहिए

-सेमीकंडक्टर एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहल से तकनीकी सशक्तिकरण को गति

-राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं एवं अवसंरचना की सराहना की

-तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन आवश्यक : राज्यपाल

प्रयागराज, 11 अप्रैल (हि.स)। प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज परिसर में 25 नवनिर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का बटन दबाकर लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए निर्मित शैक्षणिक सुविधाएं उत्कृष्ट एवं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रयोगशालाओं के प्रभावी एवं नियमित उपयोग पर कहा कि इनके माध्यम से विद्यार्थी अधिक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे शिक्षा अधिक पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बन सके।

उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे समय-समय पर विश्वविद्यालय आकर यह अवलोकन करें कि उनके बच्चे क्या सीख रहे हैं और किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उन्होंने वर्तमान विश्व परिस्थितियों एवं संघर्षों का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास उसकी दूरदर्शिता पर निर्भर करता है।

विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे स्वयं को केवल अपने परिवार की अपेक्षाओं तक सीमित न समझें, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के सपनों का प्रतिनिधि मानते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे यह विचार करें कि वे राष्ट्र निर्माण में क्या योगदान दे सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक युवा की सकारात्मक सोच एवं प्रयास ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों से परिपूर्ण है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी के पास अपने सपनों को साकार करने की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, शोध एवं सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें। आज का भारत एक आकांक्षी भारत है, जहां हर व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक, नवाचार एवं डिजिटल क्रांति का युग है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन परिस्थितियों को अवसर में परिवर्तित करने की क्षमता प्रदर्शित की है तथा तकनीकी क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

राज्यपाल ने देश में सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत के तकनीकी आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्थापित हो रहे सेमीकंडक्टर संयंत्र देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि जनभवन, उत्तर प्रदेश की पहल पर डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं सीमेंस कंपनी के मध्य हुए समझौते के तहत सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन एवं सिमुलेशन जैसे क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल परिवर्तन का साक्षी नहीं, बल्कि परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता बन चुका है। ऊर्जा, तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समय के साथ चलने के साथ-साथ समय को दिशा देने का संकल्प लें, ताकि वे स्वयं के साथ-साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में राज्यपाल का अभिनंदन करते हुए कहा कि कुलाधिपति ज्ञान, प्रेरणा और शक्ति का स्त्रोत हैं। जिनके कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। नवनिर्मित सुविधाओं के अन्तर्गत सम्मेलन कक्ष, संगोष्ठी सभागार, बायोकेमेस्ट्री प्रयोगशाला, यंत्र कक्ष, प्लांट एंड जेनेटिक ब्रीडिंग प्रयोगशाला, पूर्वी मुख्य द्वार, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, फार्मास्यूटिकल प्रयोगशाला, फार्माकोलाजी प्रयोगशाला, नवनिर्मित देवालय, एस्पेक्टिक रूम, वनस्पति विज्ञान प्रयोगशाला, भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, फार्माकोग्नासी प्रयोगशाला, रसायन प्रयोगशाला, हॉर्टिकल्चर प्रयोगशाला, डाटा सेंटर, कंप्यूटर लैब, जीव विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्ष, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, फार्मास्यूटिकल रसायन प्रयोगशाला, एग्रोनॉमी प्रयोगशाला इत्यादि हैं, जिनका कुलाधिपति ने संयुक्त रुप से लोकार्पण किया।

कुलसचिव डॉ. विनीता यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी श्रीमती आस्था तिवारी, कुलानुशासक प्रो. राजकुमार गुप्त, अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रो.आशुतोष कुमार सिंह, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. विवेक कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीतांजलि श्रीवास्तव ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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