राष्ट्रपति पदक विजेता अखिलेश ओझा ने छात्राओं को सिखाए आपदा में जीवन बचाने के गुर
गोरखपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। आपदा कभी सूचना देकर नहीं आती, लेकिन सही प्रशिक्षण, धैर्य और त्वरित निर्णय से उसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इसी संदेश के साथ नागरिक सुरक्षा कोर, प्रखण्ड सिविल लाइन्स ने गुरुवार को दिव्यनगर स्थित राम शिशु मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स इंटर कॉलेज में व्यापक आपदा प्रबंधन एवं बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में 220 छात्राओं ने आग, भूकंप और दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में स्वयं सुरक्षित रहने के साथ दूसरों की सहायता करने की व्यावहारिक तकनीकें सीखीं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रपति पदक से सम्मानित नागरिक सुरक्षा कोर के डिविजनल वार्डन अखिलेश कुमार ओझा ने किया। उनके मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को सैद्धांतिक जानकारी के साथ आपदा के वास्तविक हालात से निपटने का सजीव अभ्यास भी कराया गया।
डिविजनल वार्डन अखिलेश ओझा ने कहा कि आपदा के समय घबराहट सबसे बड़ा खतरा बन जाती है, जबकि संयम, अनुशासन और प्रशिक्षण जीवनरक्षक सिद्ध होते हैं। छात्राओं को आपदा प्रबंधन में दक्ष बनाना उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रा को इतना सक्षम होना चाहिए कि संकट की स्थिति में वह केवल अपनी सुरक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज के अन्य लोगों की भी सहायता कर सके।
मास्टर ट्रेनर ध्यान प्रकाश तिवारी, रितेश कुमार गुप्ता, आशुतोष पाण्डेय, जया तिवारी, आकृति साहनी और पूजा वर्मा ने प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के प्रबंधन निदेशक राहुल उपाध्याय, प्रधानाचार्य विनोद कुमार मणि त्रिपाठी, उपप्रधानाचार्य ओमप्रकाश शुक्ल, समन्वयक सुनीता उपाध्याय तथा कार्यालय कर्मचारी नित्यानंद दूबे का विशेष सहयोग रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

