गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर वज्रपात से ढहा गुंबद, एक अधिवक्ता की मौत, दूसरा घायल

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गोरखपुर के गुरु गोरक्षनाथ घाट पर वज्रपात से ढहा गुंबद, एक अधिवक्ता की मौत, दूसरा घायल


गोरखपुर, 06 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद गोरखपुर में राप्ती नदी के किनारे स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर रविवार को मौसम में अचानक आए बदलाव के बीच आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। आकाशीय बिजली की तेज चपेट के बाद घाट परिसर में अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के बैठने के लिए बनाए गए गुंबदनुमा चबूतरे का स्लैब भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय वहां बैठे दो अधिवक्ता मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबा हटाकर दोनों घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे में गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता आलोक अस्थाना की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि अधिवक्ता संजय सिंह को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे दोनों अधिवक्ता

शक्ति नगर कॉलोनी निवासी अधिवक्ता संजय सिंह और राप्ती नगर निवासी अधिवक्ता आलोक अस्थाना अपने साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गुरु गोरक्षनाथ घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान दोनों अधिवक्ता घाट परिसर में बने चबूतरे पर बैठ गए। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आकाशीय बिजली गिरने के बाद तेज झटका लगा और गुंबदनुमा छज्जा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। छज्जे के मलबे में दोनों अधिवक्ता दब गए। हादसा होते ही घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू किया और दोनों घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों का उपचार शुरू किया।

गंभीर हालत में आलोक को किया गया रेफर

जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने अधिवक्ता आलोक अस्थाना की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें उच्चस्तरीय उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया। परिजनों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरे घायल अधिवक्ता संजय सिंह का भी चिकित्सकों ने परीक्षण किया और उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। आलोक अस्थाना की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। घटना को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखाई दिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए लोगों को शांत कराया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से गुंबदनुमा बैठने वाले स्थान का स्लैब गिरा, जिसकी चपेट में आने से दोनों अधिवक्ता घायल हुए। उन्होंने बताया कि हादसे में आलोक अस्थाना की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि संजय सिंह का उपचार जारी है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।

27.85 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था घाट का सुंदरीकरण

गुरु गोरक्षनाथ घाट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2019 में तैयार किया गया था। करीब 27 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये की लागत से घाट का सुंदरीकरण कराया गया था। घाट परिसर में अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह चबूतरे और उनके ऊपर गुंबदनुमा छत का निर्माण कराया गया था। रविवार को इन्हीं में से एक गुंबदनुमा संरचना हादसे की चपेट में आ गई। गुरु गोरक्षनाथ घाट का लोकार्पण 16 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। हादसे के बाद अब प्रशासन की ओर से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि संरचना किस स्थिति में थी और आकाशीय बिजली गिरने के बाद उसके गिरने की वास्तविक परिस्थितियां क्या रहीं।

अन्य संरचनाओं की भी जांच की जाएगी

हादसे के बाद प्रशासन की ओर से घाट परिसर में बनी अन्य गुंबदनुमा संरचनाओं की सुरक्षा और मजबूती की जांच कराने की तैयारी है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घाट पर आने वाले लोगों की सुरक्षा में किसी प्रकार का खतरा न रहे। तकनीकी जांच के बाद यदि किसी संरचना में कमी मिलती है तो उसके संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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