फार्मर रजिस्ट्री में 2.28 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 79.10 प्रतिशत कार्य पूरा

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फार्मर रजिस्ट्री में 2.28 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 79.10 प्रतिशत कार्य पूरा


-योगी सरकार के तेज प्रयासों से किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

-यूपी में अंश निर्धारण का कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा

लखनऊ, 25 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.28 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार की निर्धारित लक्ष्य का 79.10 प्रतिशत कार्य पूरा है।

प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार, अब तक 2,28,36,658 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 60,33,837 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। वर्तमान प्रगति के आधार पर किसानों की आईडी निर्माण प्रक्रिया 20 अगस्त तक पूर्ण होने का अनुमान है।

योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके।

प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।

योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

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