खाद्य प्रसंस्करण में नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब

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खाद्य प्रसंस्करण में नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब


-3.50 लाख से अधिक इकाइयों के साथ यूपी ने हासिल किया पहला स्थान

लखनऊ, 13 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में देशभर में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। प्रदेश में तीन लाख 50 हजार 883 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिससे यूपी इस क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। समृद्ध कृषि आधार और प्रचुर मात्रा में कच्चे माल की उपलब्धता ने उद्योग को मजबूती प्रदान की है। निवेशक-अनुकूल नीतियां, बेहतर बुनियादी ढांचा और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। कुशल एवं अर्धकुशल कार्यबल की उपलब्धता से उत्तर प्रदेश तेजी से देश के खाद्य प्रसंस्करण महाशक्तिस्थल के रूप में उभर रहा है।

यूपी में 3.5 लाख से अधिक इकाइयां

उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में कृषि आधारित कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, मजबूत नीतिगत समर्थन और निवेश के अनुकूल वातावरण ने इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यूपी में जहां तीन लाख 50 हजार 883 कुल इकाइयां हैं। वहीं महाराष्ट्र में दो लाख 29 हजार 372 पश्चिम बंगाल में तीन लाख 22 हजार 590 तमिलनाडु में एक लाख 78 हजार 527 कर्नाटक में एक लाख 27 हजार 458 बिहार में एक लाख 45 हजार 300, आंध्रप्रदेश में एक लाख 54 हजार 330 गुजरात में 94 हजार 066 राजस्थान में 1 लाख 01 हजार 666 और तेलंगाना में 80 हजार 392 यूनिट है। इस तरह कुल 24.59 लाख यूनिट है।

यूपी के 2.5 लाख से ज्यादा श्रमिक दे रहे योगदान

योगी सरकार की उद्योग और कृषि हितैषी नीतियों का असर रोजगार के क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के विस्तार से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। दूध उत्पादन, गन्ना और सब्जियों के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बना हुआ है, जिससे उद्योगों को पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध हो रहा है। वहीं कुल उद्यमों में उत्तर प्रदेश की 14 से 15 फीसदी तक हिस्सेदारी है जो अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। इसी प्रकार रोजगार के क्षेत्र में भी यूपी के 2.5 लाख से ज्यादा श्रमिक योगदान दे रहे हैं। कृषि कच्चे माल के मामले में उत्तर प्रदेश का स्थान भारत में सबसे ऊंचा है। यूपी देश में खाद्य प्रसंस्करण की सबसे बड़ी संभावनाओं वाला राज्य है।

फल और सब्जी उत्पादन में यूपी का दबदबा, 9 फसलों में देश में नंबर-1

फलों और सब्जियों की पैदावार ने उत्तर प्रदेश को देश का कृषि प्रधान बना दिया है। आम, अमरूद, आलू, मटर, लौकी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च के उत्पादन में उत्तर प्रदेश ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। देश में आम का कुल उत्पादन 336.21 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें से अकेले उत्तर प्रदेश 61.94 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन कर रहा है। अमरूद के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। देशभर में 50.23 लाख मीट्रिक टन अमरूद उत्पादन में से 11.49 लाख मीट्रिक टन उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है।

लौकी के उत्पादन में यूपी नम्बर-1

आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। देश में कुल 598.89 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन में से 250.66 लाख मीट्रिक टन उत्पादन प्रदेश में किया जा रहा है। वहीं, भारत में 72.38 लाख मीट्रिक टन मटर उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान 37.62 लाख मीट्रिक टन है। लौकी के उत्पादन में भी प्रदेश अव्वल है। देश में 41.98 लाख मीट्रिक टन लौकी उत्पादन में से 7.53 लाख मीट्रिक टन उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। सिंघाड़ा उत्पादन में भी प्रदेश पहले स्थान पर है। देश में 0.07 लाख मीट्रिक टन सिंघाड़ा उत्पादन में से 0.03 लाख मीट्रिक टन उत्पादन यूपी से होता है।

यूपी का फल उत्पादन में 14.44 प्रतिशत का योगदान

तरबूज उत्पादन में देश के कुल 45.63 लाख मीट्रिक टन उत्पादन में से 9.28 लाख मीट्रिक टन हिस्सा उत्तर प्रदेश का है। इसी प्रकार, 17.54 लाख मीट्रिक टन खरबूजा उत्पादन में प्रदेश 7.73 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के साथ शीर्ष पर है। शिमला मिर्च के मामले में भी उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां कुल 7.68 लाख मीट्रिक टन राष्ट्रीय उत्पादन में से 1.74 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होता है। इस तरह देशभर में होने वाले 1214.75 लाख मीट्रिक टन फल उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 175.42 लाख मीट्रिक टन यानी 14.44 प्रतिशत है। वहीं, देश के कुल 2210 लाख मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन में से 435.93 लाख मीट्रिक टन उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में होता है, जो राष्ट्रीय उत्पादन का 19.73 प्रतिशत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

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