वाराणसी में खतरे के निशान से 1.262 मीटर नीचे बह रही गंगा नदी, बलिया और गाजीपुर की स्थिति भयावह
वाराणसी, 31 अगस्त (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और आसपास के जनपदों में गंगा नदी का भयावह रूप देखने को मिल रहा है। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जल स्तर से बाढ़ का खतरा बन चुका है। उत्तर प्रदेश आइडब्लूआरडी के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सोमवार की सायं पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी में गंगा नदी खतरे के निशान से 1.262 मीटर नीचे ही बह रही है।
वाराणसी में गंगा नदी के भयावह रूप के कारण घाटों का संपर्क टूट गया है तो राजघाट क्षेत्र के आसपास के कई गांवों और मोहल्ले जलमग्न हो चुके हैं। गंगा घाटों पर नावों का संचालन रुका हुआ है। घाट किनारे गलियों में गंगा का जल पहुंचने के कारण लॉज और होटल व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है। गंगा नदी में बढ़े जलस्तर का प्रभाव वरुणा नदी पर भी है, जिसके जल वृद्धि के चपेट में वाराणसी के कई मकान आ चुके हैं।
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बलिया में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बलिया में खतरे का निशान 57.615 मीटर है जबकि वर्तमान समय में नदी का जलस्तर 58.800 मीटर पहुंच चुका है। बलिया में नदी किनारे बसे गांवों में किसानों को विशेष रूप से परेशानी हुई है। इसी तरह गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यहां खतरे का निशान 63.105 मीटर है, वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर 62.690 मीटर पहुंच चुका है। गाजीपुर में अगले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को छू जाने की संभावना है।
गंगा नदी का जलस्तर मिर्जापुर और प्रयागराज में फिलहाल खतरे के निशान से दो मीटर के नीचे है। फिर भी प्रयागराज से लेकर वाराणसी के बीच गंगा नदी के समीप कई गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / शरद

