पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए मां विंध्यवासिनी के दर्शन, जयकारों से गूंजा धाम

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पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए मां विंध्यवासिनी के दर्शन, जयकारों से गूंजा धाम


- मध्यरात्रि से उमड़ने लगी भक्तों की भीड़, गंगा घाटों से मंदिर की गलियों तक आस्था का रेला

- विशिष्ट दर्शन पर सख्ती, सुरक्षा में मुस्तैद रहे आला अधिकारी

मीरजापुर, 11 अक्टूबर (हि. स.)। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि विंध्यधाम की गलियां श्रद्धालुओं से पट गईं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के अनुसार, प्रथम दिन पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मां शैलपुत्री के दर्शन की अभिलाषा लिए भक्तों का रेला मध्यरात्रि से ही विंध्य क्षेत्र में पहुंचने लगा था। सुबह होने तक मंदिर जाने वाले रास्तों से लेकर गंगा घाटों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आने लगी।

मंगला आरती से पहले ही गंगा घाटों पर स्नानार्थियों का जमावड़ा लग गया। श्रद्धालु मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद हाथों में नारियल, चुनरी, फूल-मालाएं और प्रसाद लेकर मंदिर की ओर बढ़ते रहे। पुरानी विशिष्ट मार्ग, न्यू विशिष्ट मार्ग, कोतवाली मार्ग, पक्का घाट मार्ग और जयपुरिया गली पर लंबी कतारें लगी रहीं। मां के जयकारों से पूरा विंध्यधाम गुंजायमान होता रहा। भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा (एडीजी) ने भी मातहतों के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार कतारों में लगे श्रद्धालुओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेते दिखे। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने मंदिर परिसर सहित प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।

विशिष्ट दर्शन पर सख्ती, बिना पास प्रवेश नहीं

इस बार विशिष्ट प्रवेश व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त नजर आया। भीड़ नियंत्रण के मद्देनजर विशिष्ट प्रवेश स्थल को बंद रखा गया। विशिष्ट दर्शन के लिए नगर मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी अथवा न्याय विभाग की ओर से जारी सुगम दर्शन पास की अनिवार्यता लागू रही। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना वैध पास किसी को भी विशिष्ट दर्शन की सुविधा नहीं दी जाएगी। इससे बिना अनुमति प्रवेश कराने की गुंजाइश पर अंकुश लगाने की कोशिश की गई।

एक दिन पहले एडीजी जोन वाराणसी ने भी बैठक कर पुलिस अधिकारियों को व्यवस्था नियंत्रित रखने के निर्देश दिए थे। नवरात्र मेले में इस बार विशिष्ट प्रवेश को लेकर प्रशासन की सख्ती चर्चा में रही।

पार्किंग से चिकित्सा शिविर तक इंतजाम

विंध्याचल क्षेत्र की दर्जनों वाहन पार्किंग श्रद्धालुओं के वाहनों से भरी नजर आईं। मंदिर परिसर में पंडा समाज की ओर से तीर्थ पुरोहितों की तैनाती की गई, जो श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में सहयोग करते रहे। परिक्रमा पथ पर चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। पहले दिन उमड़ी भारी भीड़ के बीच प्रशासन की प्राथमिकता दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और भक्तों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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