कानपुर चिड़ियाघर में तिरुपति से आए मादा ढोल का निधन, जांच के लिए बरेली भेजे गए नमूने
कानपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। कानपुर प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में एक मादा ढोल (जंगली कुत्ता) का शुक्रवार को निधन हो गया। करीब तीन साल पहले ढोल को तिरुपति से कानपुर जू लाया गया था। काफी समय से वह अस्वस्थ्य चल रही थी। पिछले 48 घण्टों से उसने अन्न-जल त्याग दिया था। जिसके चलते उसने आज दम तोड़ दिया। मृत्यु का कारण संभवतः वायरल इन्फेक्शन है जिसकी पुष्टि के लिए ढोल के नमूने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरवी) बरेली भेजे गए हैं।
कानपुर जू रेंजर नावेद इकराम ने बताया कि बीमारी के चलते मादा ढोल ने दो दिनों से अन्न-जल त्याग दिया था। जिस वजह से वह शारिरिक रूप काफी कमजोर हो गयी थी। जिसकी रिकवरी के लिए लगातार चिकित्सकों की टीम व केयर टेकर निगरानी भी कर रहे थे। बावजूद इसके उसने देर शाम प्राण त्याग दिए। प्रारम्भिक जांच में मृत्यु का कारण वायरल इंफेक्शन लग रहा है जिसकी पुष्टि के लिए उसके नमूनों को आईवीआरवी बरेली भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता लग सकेगा।
हालांकि मादा ढोल की मौत के बाद चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। इसके अलावा सर्दी काे देखते हुए जानवरों के बाड़ाें में अलाव के साथ-साथ हीटर की भी व्यवस्था की गई। इसके अलावा उनके डाइट चार्ट में भी बदलाव किये गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

