पवन सिंह पटेल जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित

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पवन सिंह पटेल जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित


पवन सिंह पटेल ने अपनी प्रतिभा से फतेहपुर जिले का नाम किया रोशन

इंटरनेशनल एक्सीलेंसी अवार्ड-2026 एवं लीजेंड्री पीस अवार्ड-2026 से हुए सम्मानित

फतेहपुर, 01 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिले के पवन सिंह पटेल को भू-जल वैज्ञानिक एवं वाटर ऑडिटर, सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी द्वारा जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए नई दिल्ली में दो प्रतिष्ठित सम्मानों से पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि से गांव, क्षेत्र व जिले का नाम रोशन कर दिया। इस सफलता से उनके शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।

मलवां विकासखंड के चंदनपुर गांव निवासी पवन सिंह पटेल भूगर्भवेत्ता हैं। पवन सिंह पटेल को प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए इंटरनेशनल एक्सीलेंसी अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित होटल हयात सेंट्रिक में आयोजित भव्य समारोह में भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी एवं ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन संवर्धन व प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें लीजेंड्री पीस अवार्ड-2026 से भी सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में हरदीप सिंह गिल, वाइस चेयरमैन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग एवं श्रीमती विदुषी शर्मा द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

दस वर्षों से जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय पवन सिंह पटेल जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन एवं प्राकृतिक संसाधन संवर्धन के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वाटर हारवेस्टिंग प्रोजेक्ट स्थापित करने के क्षेत्र में पवन सिंह कई प्रांतों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने देशभर के 100 से अधिक उद्योगों को वाटर ऑडिट के माध्यम से भूजल दोहन को कम करने, जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने तथा अपशिष्ट जल को उपचारित कर पुनः उपयोग करने के संबंध में तकनीकी सलाह एवं समाधान प्रदान किए हैं।फतेहपुर जिले में भी उन्होंने जल संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। मलवां ब्लॉक में तालाबों के पुनर्जीवन तथा वर्षा जल संरक्षण की संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से प्रतिवर्ष लाखों लीटर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में कार्य किया है।मलवा ब्लॉक के अढेना गांव में मियावाकी पद्धति से लगभग 10,000 पौधों का सघन रोपण कर हरित क्षेत्र विकसित करने का कार्य भी किया गया है। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न राज्यों में अब तक 60,000 से अधिक मियावाकी पौधों का रोपण तथा करोड़ों लीटर वर्षा जल संरक्षण के लिए विभिन्न जल संरचनाओं एवं तालाबों के निर्माण एवं पुनर्जीवन में योगदान दे चुके हैं।

पवन सिंह पटेल वर्तमान में बुंदेलखंड की भूजल स्थिति एवं एकीकृत जलसंभर प्रबंधन विषय पर पीएचडी कर रहे हैं। उनका उद्देश्य वैज्ञानिक अध्ययन एवं जमीनी अनुभवों के माध्यम से भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन के लिए प्रभावी समाधान विकसित करना है। सम्मान प्राप्त करने के बाद पवन सिंह पटेल ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुदेव की कृपा, माता-पिता के आशीर्वाद, निरंतर एकाग्रता तथा समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा को देते हुए कहा कि समाज और प्रकृति के प्रति समर्पित होकर निरंतर कार्य करने की प्रेरणा उन्हें अपने गुरुदेव एवं माता-पिता से मिली है।

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र कुमार

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