फर्रुखाबाद में उफनाई गंगा का पानी घरों में घुसा, स्कूल व आरोग्य मंदिर डूबे
फर्रुखाबाद, 03 अगस्त (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद में बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते जिले के तराई इलाकों में गंगा नदी का पानी तेजी से भर रहा है। सोमवार को इसका असर तटीय गांवों में साफ देखने को मिला। जहां जलभराव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। गंगा का बढ़ता पानी तटीय गांव सिनौली तक पहुंच गया है। परिषदीय विद्यालय परिसर में जलभराव के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है।
प्रधानाध्यापक वंदना सिंह के अनुसार शिक्षा प्रभावित न हो इसके लिए दूसरे प्राथमिक विद्यालय में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। आरोग्य मंदिर भी चारों ओर से पानी से घिर गए हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ने पर पानी घरों में घुस सकता है। बढ़ते जलस्तर का असर महादेवपुर सीघनपुर, महादेवपुर, अलीगढ़ और सुखा नगला सहित कई गांवों में देखने को मिल रहा है। बूढ़ी गंगा के बढ़ने से निचले क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। हालात ऐसे हैं कि नावों की कमी के कारण ग्रामीण बड़ी कढ़ाही जैसे साधनों से आवागमन करने को मजबूर हैं। बाढ़ के खतरे से किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए अधपकी फसलें काटने को मजबूर हैं।
दिव्यांग किसान जयकिशन ने बताया कि उनकी करीब 25 बीघा में खड़ी मक्के की फसल पानी में डूब गई है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं टिलियां सलेमपुर निवासी अमर सिंह ने भी बताया कि उनकी फसल भी डूबने की कगार पर है, जिसके चलते उन्हें समय से पहले कटाई करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन वर्तमान हालात में लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से राहत सामग्री वितरण और फसल नुकसान के उचित मुआवजे की मांग की है। गंगा नदी का जल स्तर आज 136.90 मीटर रिकार्ड किया गया। जबकि 137.10मीटर पर खतरा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar

