फार्मर रजिस्ट्री में 2.23 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 77.43 फीसदी कार्य पूरा
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
लखनऊ, 09 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.23 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 77.43 प्रतिशत है।
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत पांच नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए दो करोड़ 88 लाख 70 हजार 495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक दो करोड़ 23 लाख 54 हजार 644 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 65 लाख 15 हजार 851 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 30 दिनों यानी छह जून 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है। इसके साथ ही वर्तमान प्रगति के आधार पर किसानों की आईडी निर्माण प्रक्रिया 108 दिनों में यानी 22 अगस्त 2026 तक पूर्ण होने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला

