हर घर तिरंगा अभियान-2026: स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तैयार करेंगी दो करोड़ तिरंगे
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हाथों बनेगा तिरंगा, हर घर तक पहुंचेगा राष्ट्रगौरव और महिलाओं को मिलेगा आजीविका का नया संबल
लखनऊ, 28 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) द्वारा हर घर तिरंगा अभियान-2026 के अंतर्गत प्रदेश के 75 जनपदों को कुल 2 करोड़ राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महा अभियान में मिशन से जुड़े 50,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तिरंगों का निर्माण करेंगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को अतिरिक्त आजीविका एवं आय का अवसर प्राप्त होगा, वहीं प्रदेश के प्रत्येक घर तक राष्ट्रध्वज पहुंचाने के राष्ट्रीय अभियान को भी नई गति मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह अभियान केवल राष्ट्रीय ध्वज निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, स्थानीय रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। तिरंगा निर्माण के माध्यम से हजारों ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आय का अवसर मिलेगा तथा वे राष्ट्र निर्माण के इस महा अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगी।
उप मुख्यमंत्री के निर्देशो के क्रम में सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि हर घर तिरंगा अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाया जा सके और प्रदेश के प्रत्येक घर तक राष्ट्रध्वज सम्मानपूर्वक पहुंचाया जा सके।
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों एवं जिला मिशन प्रबंधन इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि जनपदवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तिरंगा निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उत्पादन, गुणवत्ता, आपूर्ति एवं भुगतान की नियमित समीक्षा करते हुए अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में तैयार किए गए तिरंगे संबंधित सरकारी विभागों, सरकारी संस्थानों, स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इन विभागों एवं संस्थानों के माध्यम से तिरंगों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अभियान के दौरान प्रत्येक घर तक राष्ट्रध्वज पहुंच सके। सभी तिरंगों का निर्माण भारतीय ध्वज संहिता के निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा तथा स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

