मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ यूपी : मुख्यमंत्री

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मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ यूपी : मुख्यमंत्री


मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ यूपी : मुख्यमंत्री


मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ यूपी : मुख्यमंत्री


नौ वर्ष पहले यूपी में न नीति थी और न ही नीयत

टेक्नोलॉजी से जुड़कर हरेक क्षेत्र में पारंगत बनेंगे युवा

गोरखपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को उभरती प्रौद्योगिकी (इमर्जिंग टेक्नोलॉजी) के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का लोकार्पण किया। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की उपस्थिति में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खुद को देश के अंदर न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश के रूप में बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित किया है।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वैसा नौ वर्ष पहले हो पाना कठिन था। तब सड़कें अच्छी नहीं थीं, बिजली का अता-पता नहीं था। सुरक्षा संकट में थी। नीतियां नहीं थीं। न नीति थी, न ही नीयत। स्वाभाविक रूप से सुरक्षा का माहौल न होने और नीति न होने के कारण निवेश भी नहीं होता था। जब निवेश नहीं होगा तो स्वाभाविक रूप से रोजगार भी नहीं मिलेगा। यही स्थिति तब यूपी की थी लेकिन आज का यूपी हरेक क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे टेक्नोलॉजी के पास जितना नजदीक जाएंगे, टेक्नोलॉजी से खुद को जोड़कर आगे बढ़ेंगे तो टेक्नोलॉजी उतनी ही आपके हाथों का खिलौना बनेगी। नौजवान जब टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ेंगे, पारंगत बनेंगे तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार सहित हरेक क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सीएम योगी ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में सहयोग के लिए टाटा समूह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर वर्तमान और भविष्य की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित और आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप को एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म मिलेगा। इस सेंटर को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे डिजिटल युग की जरूरतों पर विशेष फोकस करते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस तकनीकी उन्नयन, रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दृष्टि से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपीआईटी में स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया की मुहिम को भी आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करेगा।

युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की नई ज्योति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमोत्तर बिहार और नेपाल की तराई से जुड़े नौजवानों, अन्नदाता किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की ज्योति बनकर आया है। यह न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत के विकास के लिए एक नया प्रकाश देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि यह सेंटर ऐसे क्षेत्र (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में बना है जिसे कभी उत्तर प्रदेश का सबसे बैकवर्ड एरिया माना जाता था। उस क्षेत्र में अब, युवा, किसान और नारी शक्ति तकनीकी दृष्टि से सशक्त होकर पीएम मोदी के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देंगे।

एमपी शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का किया उल्लेख

अपने संबोधन में सीएम योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का भी उल्लेख किया। बताया कि देश जब परतंत्र था तब 1932 में तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्रीदिग्विजयनाथ जी महाराज ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। यह वही शिक्षा परिषद है जिसने जब पूर्वी उत्तर प्रदेश के अंदर पहले, गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो संस्थान सरकार को देकर विश्वविद्यालय का शुभारंभ कराया। उन्होंने कहा कि इसी शिक्षा परिषद के उपक्रम महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा ग्रुप के सहयोग से शानदार सेंटर आफ एक्सीलेंस यहां के युवाओं के लिए प्राप्त हुआ है।

नॉलेज पावर हाउस बन रहा गोरखपुर

सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे पिछड़ा माना जाता था। जबकि आज पीएम मोदी की प्रेरणा से यह क्षेत्र आगे बढ़ता हुआ, नॉलेज पावर हाउस के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में चार पूर्ण क्रियाशील विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इसके साथ ही अभी कुछ दिन पहले भारत सरकार के सहयोग से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की भी स्थापना गोरखपुर में की गई है।

यूपी और प्रौद्योगिकी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा यूपी और प्रौद्योगिकी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल है। यूपी की पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में प्रौद्योगिकी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। सरकार की तरफ से उसी के अनुरूप वातावरण बनाने का परिणाम है कि भारत के अंदर 55 फीसद मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अकेले उत्तर प्रदेश में हो रही है और बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट 55 से 60 फ़ीसद उत्तर प्रदेश में बन रहा है। 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूपी के पास है। वर्तमान में 32000 से अधिक बड़े कारखाने उत्तर प्रदेश के अंदर संचालित हैं। 22000 से अधिक स्टार्टअप उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

स्वागत संबोधन में एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्देश्यों और इसके निर्धारित लक्ष्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ला, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश अवस्थी, आर्थिक सलाहकार केवी राजू, प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग आलोक कुमार, टीसीएस के ग्लोबल हेड (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) चंद्रमोहन मल्लाडी, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, एमपी शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार आदि भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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