मां विंध्यवासिनी के दानपात्रों में उमड़ी श्रद्धा, दो दिनों में निकले 37.45 लाख रुपये
मीरजापुर, 02 जून (हि.स.)। विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था एक बार फिर दानपात्रों में दिखाई दी। नवरात्र मेले के करीब दो माह बाद खोले गए मंदिर के दानपात्रों से दो दिनों में 37 लाख 45 हजार 827 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। मंगलवार को दूसरे दिन 22 दानपात्रों की गिनती में 15 लाख 27 हजार 632 रुपये मिले।
नायब तहसीलदार गरिमा यादव की देखरेख में मंगलवार को मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों को खोला गया। दानपात्रों से निकली धनराशि की गणना मंदिर की छत पर स्थित श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में पुलिस और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई गई।
अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को 22 दानपात्रों से प्राप्त नोटों और सिक्कों की गिनती देर रात तक चलती रही। गणना पूरी होने के बाद पूरी धनराशि भारतीय स्टेट बैंक, विंध्याचल शाखा में विंध्य विकास परिषद के पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के खाते में जमा करा दी गई।
इससे पहले सोमवार को तीन दानपात्रों की गिनती में 22 लाख 18 हजार 195 रुपये प्राप्त हुए थे। दोनों दिनों की गिनती को मिलाकर कुल 25 दानपात्रों से 37 लाख 45 हजार 827 रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ है।
गणना कार्य के दौरान विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दत्त त्रिपाठी के अलावा संग्रह अमीन सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, हरेंद्र दुबे और राकेश सोनकर सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे। मां विंध्यवासिनी धाम में वर्षभर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का यह चढ़ावा मंदिर की लोकप्रियता और श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास को दर्शाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

