पानी और सड़क की बदहाली पर जिलाधिकारी का सख्त रुख
- बोले-10 दिन में दुरुस्त करें पाइप लाइन, नहीं तो होगी एफआईआर
मीरजापुर, 11 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में पेयजल परियोजनाओं की खराब व्यवस्था और क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार का सख्त रुख देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित विभागों को फटकार लगाते हुए कहा कि जहां-जहां पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, वहां 10 दिन के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कराया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बैठक में नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, मझवां विधायक शुचिस्मिता मौर्या, अपना दल एस के जिलाध्यक्ष इंजीनियर रामलौटन बिंद तथा एमएलसी प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित होने, पाइप लाइन टूटने और सड़कों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने जल निगम और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि शिकायत वाले स्थलों का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को सभी ग्राम पंचायतों के हैंडपंपों का सत्यापन कर खराब पड़े हैंडपंपों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को बांधों में लीकेज रोकने और नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने को कहा गया, ताकि किसानों और पशुओं को राहत मिल सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को जल निगम से समन्वय बनाकर टूटी सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्ष 2026-27 की सड़क चौड़ीकरण और निर्माण योजनाओं की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि सीसी रोड और डामर सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। जांच में मानक के विपरीत कार्य मिलने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

