शौचालय निर्माण: कागजों में 12 हजार, लाभार्थियों के खातों में पहुंची 06-06 हजार की किस्त, डीएम ने दिए जांच के आदेश
फिरोजाबाद, 17 अगस्त (हि.स.)। शौचालय निर्माण में कागजों में 12 हजार सहायता राशि का भुगतान दर्शाने जबकि धरातल पर लाभार्थियों के खातों में 06-06 हजार की किस्त पहुंचने का मामला सोमवार को सामने आया है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित की है। जांच में यदि बिना शौचालय निर्माण के भुगतान या किसी भी स्तर पर धन के गबन की पुष्टि हुई, तो दोषी अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल जनता की समस्याओं का पारदर्शी और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को सदर तहसील में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे की उपस्थिति में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादियों ने अपनी फरियाद जिलाधिकारी के समक्ष रखी।
इस दौरान ग्राम पंचायत लालऊ में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत एक बड़ा मामला आरटीआई के माध्यम से उजागर हुआ कि ग्राम पंचायत में फेज-1, 2 के तहत कागजों पर शौचालय का निर्माण 12 हजार सहायता राशि का भुगतान का दर्शाया गया है, जबकि धरातल पर लाभार्थियों के खातों में 6- 6 हजार की किस्त ही पहुंची है।
इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रूप अपनाया है और एक जांच कमेटी परियोजना निदेशक और उपायुक्त श्रम रोजगार के नेतृत्व में बनाकर जांच के कड़े निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत लालऊ में फेज-1 और फेज -2 के सभी शौचालय का मौके पर जाकर शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए, केवल सरकारी अभिलेखों के निस्तारण को अंतिम नहीं माना जाए, बल्कि संबंधित बैंकों से आरटीजीएस और यू टी आर नंबर तथा ट्रांजैक्शन हिस्ट्री निकालकर लाभार्थियों के असली खातों का मिलान कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जांच में यदि बिना शौचालय निर्माण के भुगतान या किसी भी स्तर पर धन के गबन की पुष्टि हुई, तो दोषी अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जनता के हक का पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचना चाहिए।
इसी तरह एक मामला ग्राम नगला मौजा जाखई की निवासिनी दिव्यांग आवेदिका रेनू द्वारा अपने प्रार्थना पत्र में यह आरोप लगाए कि उनकी गाटा संख्या 1539, 1557, 1566 पर स्थानीय दबंगों द्वारा जबरन अवैध कब्जा कर लिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस की टीम को मौके पर जाकर जांच करने तथा दिव्यांग पीड़िता की भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भू माफिया और अवैध कब्जा धारकों के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आम जनमानस विशेष कर महिलाओं और दिव्यांगजनों के अधिकारों का हनन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी के समक्ष 73 मामले आए और 10 का मौके पर निस्तारण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रामबदन राम, उपलाधिकारी सुदर्शन सिंह, परियोजना निदेशक सुभाष चंद्र त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार आदि जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़

