शिक्षकों की गैरहाजिरी पर जिलाधिकारी सख्त, खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोका
कानपुर, 17 अगस्त (हि.स.)। शिक्षकों के अवकाश और प्रशिक्षण के बावजूद विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पांच शिक्षकों में से चार की अनुपस्थिति और 106 बच्चों में केवल तीन की उपस्थिति गंभीर मामला है।
यह बातें सोमवार को उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर के प्राथमिक विद्यालय लोधवा खेड़ा के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहीं। सदर तहसील क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय लोधवा खेड़ा में औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को पांच शिक्षकों में से चार अनुपस्थित मिले। विद्यालय में नामांकित 106 विद्यार्थियों के सापेक्ष केवल तीन बच्चे उपस्थित थे। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोकने और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक रंजना गुप्ता और शिक्षिका क्षमा श्रीवास्तव आकस्मिक अवकाश पर थीं। शिक्षिका साफिया खातून अंसारी बीआरसी में आयोजित प्रशिक्षण में गई थीं, जबकि शिक्षिका सबीहा हसन जैदी चिकित्सकीय अवकाश पर थीं। विद्यालय में केवल शिक्षामित्र महेश प्रसाद उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षकों के अवकाश अथवा प्रशिक्षण पर होने की स्थिति में भी विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था सुचारु रखना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी से जवाबदेही तय करते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न होने देने के निर्देश दिए।
विद्यालय में विद्यार्थियों की बेहद कम उपस्थिति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा कम उपस्थिति के कारणों की समीक्षा करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार विद्यार्थियों के लिए रोटी और सब्जी तैयार की जा रही थी। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और शिक्षकों की उपस्थिति के साथ पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह, तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

