जापान एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले रोहित यादव का जिलाधिकारी ने किया सम्मान
जौनपुर, 04 अक्टूबर (हि.स.)। जापान के नगोया में आयोजित एशियाई खेलों की भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर लौटे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के खिलाड़ी रोहित यादव का रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में सम्मान किया गया। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने रोहित यादव को माला और अंगवस्त्र पहनाकर तथा बुके भेंटकर सम्मानित किया।
हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत करते हुए रोहित यादव ने कहा कि देश, प्रदेश और अपने जिले के लिए कांस्य पदक जीतकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किए जाने पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना होता है कि उसे अपने जिले में सम्मान मिले।
रोहित ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 2013 में उन्हें भाला फेंक खेल की शुरुआत कराई थी। उस समय वह कक्षा छह में पढ़ते थे और महज मस्ती के लिए खेल शुरू किया था। उन्हें यह भी पता नहीं था कि जेवलिन क्या होता है। पिता ने जब बांस का डंडा फेंका तो वह जमीन में खड़ा हो गया। यह देखकर उनके मन में खेल के प्रति जिज्ञासा पैदा हुई और धीरे-धीरे यह सफर आगे बढ़ता गया।उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में नेशनल कैंप से जुड़कर पटियाला में प्रशिक्षण लिया और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि देश के लिए कुछ करने का जुनून पैदा हो गया था। पिछली बार पदक नहीं जीत पाने के बाद वह घर नहीं लौटे और प्रण लिया कि पदक जीतकर ही घर आएंगे। इस बार कांस्य पदक जीतने के बाद घर लौटे हैं।
रोहित ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य वर्ष 2028 में अमेरिका में होने वाले ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में समस्याएं आती हैं, लेकिन उनसे डरना नहीं चाहिए। मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता। खेल के क्षेत्र में देश के लिए उपलब्धि हासिल करने का अलग ही आनंद है।
उन्होंने प्रशासन से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और संसाधनों के लिए सहयोग देने की अपील की। रोहित ने कहा कि उनके पदक जीतने से पिता बेहद खुश हैं और यह उनके संघर्ष की भी सफलता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

