उत्तर प्रदेश के गोंडा में लगे होर्डिंग... आपको क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम, मचा सियासी बवाल

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उत्तर प्रदेश के गोंडा में लगे होर्डिंग... आपको क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम, मचा सियासी बवाल


गोंडा, 07 अप्रैल (हि.स.) उत्तर प्रदेश के जनपद गोंडा में लगे कई होर्डिंग में लिखे नाराें से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। “आपको क्या चाहिए—अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम” जैसे तीखे संदेश वाले होर्डिंग में मृत माफिया मुख्तार अंसारी से जुड़ी अखबारी कटिंग्स भी शामिल हैं। ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ की ओर से लगाए गए इस होर्डिंग ने इलाके में बहस चर्चाओं का माहौल गर्म कर दिया है।

गोंडा जिले में एक होर्डिंग ने अचानक सियासी माहौल को गरमा दिया है। शहर के प्रमुख स्थान पर लगाए गए इस होर्डिंग में जनता से सीधा सवाल किया गया है। “आपको क्या चाहिए, अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम?” इस संदेश को जिस अंदाज में पेश किया गया है। उसने इसे चर्चा का केंद्र बना दिया है। होर्डिंग की खास बात यह है कि इसमें मृत मुख्तार अंसारी से जुड़ी विभिन्न अखबारों की खबरों की कटिंग्स भी लगाई गई हैं। इन कटिंग्स के जरिए कानून-व्यवस्था और अपराध के मुद्दे को उभारने की कोशिश की गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि होर्डिंग का मकसद राजनीतिक संदेश देना और जनता की राय को प्रभावित करना है।

‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नाम के संगठन ने लगाया होर्डिंग

यह होर्डिंग ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नामक संगठन की ओर से लगाया गया है। होर्डिंग के जरिए उसने खुद को माफिया और अपराध के खिलाफ खड़े एक समूह के रूप में पेश करने की कोशिश की है। स्थानीय लोगों के बीच इस होर्डिंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा मान रहे हैं। तो कुछ इसे चुनावी माहौल को प्रभावित करने की रणनीति बता रहे हैं। वहीं, अभी तक प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के होर्डिंग आगामी चुनावों से पहले सियासी माहौल को और गरमा सकते हैं। फिलहाल, गोंडा में लगे ये होर्डिंग लोगों के बीच चर्चा और बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है। इस होल्डिंग को लेकर लोग अपने-अपने हिसाब से मायने निकल रहे हैं।

इस होर्डिंग्स में लिखे नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने कहा कि फिल्म के किरदार को किसी व्यक्ति से जोड़ना उचित नहीं है। हालांकि यह जरूर सवाल है कि लोग इस फिल्म के चंद किरदाराें काे पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में क्याें देख रहे हैं। वैसे फिल्म को एक फिल्म की तरह ही लेना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेंद्र कुमार तिवारी

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