उप्र डीजीपी ने प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों से मुलाकात की,साझा किया अनुभव
लखनऊ, 22 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रान्तीय सिविल सेवा का 90वें आधार भूत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 41 प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बुधवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण से शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान डीजीपी ने पीसीएस अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के उपरान्त आप सभी विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे, जिनमें उपजिलाधिकारी (एसडीएम) का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनसरोकारों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है।
एक सक्षम एवं संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पुलिस सहित अन्य विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए जनसमस्याओं का त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना आपकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय ही सुशासन, प्रभावी कानून-व्यवस्था तथा जनविश्वास की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी का कार्यालय आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केन्द्र होता है। राजस्व संबंधी प्रकरणों, न्यायालयीन कार्यों एवं कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त भी नागरिक अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सर्वप्रथम उपजिलाधिकारी से ही अपेक्षा रखते हैं। विशेष रूप से भूमि विवाद एवं भू-स्वामित्व से जुड़े मामलों में अत्यधिक संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं समयबद्ध कार्रवाई अपेक्षित है, क्योंकि एक सामान्य नागरिक के लिए उसकी भूमि केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उसके जीवनयापन, सम्मान एवं भविष्य का आधार होती है। ऐसे मामलों का न्यायसंगत एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
डीजीपी ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए निरंतर समीक्षा एवं प्रभावी निगरानी आवश्यक है। उन्होंने खाद, बीज, विद्युत, सिंचाई एवं पेयजल जैसी मूलभूत जनसमस्याओं के समाधान में एसडीएम की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में उनकी कार्यकुशलता एवं संवेदनशीलता से प्रशासन की विश्वसनीयता स्थापित होती है।
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा, योग्यता एवं क्षमता के बल पर इस प्रतिष्ठित सेवा में चयनित हुए हैं। अतः अपनी इन क्षमताओं का उपयोग पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं दक्षता के साथ शासकीय दायित्वों के निर्वहन में करें तथा सदैव जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें।
इस भेंटवार्ता के दौरान डीजीपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों के जिज्ञासा भरे प्रश्नों का उत्तर देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गयी। अन्त में प्रशिक्षु प्रान्तीय सिविल सेवा अधिकारी सोनाली सिंह ने यूपी पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डीजीपी को स्मृति चिन्ह भेट किया गया। इस दौरान डीजीपी ने भी यूपी पुलिस की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर, कंट्रोल रूम, साइबर क्राइम मुख्यालय, जीआरपी मुख्यालय एवं यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण कर वहां की कार्यप्रणाली के बारे मे भी जानकारी प्राप्त की गई ।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

