प्रदेश के विकास की मजबूत नींव में बेहतर सड़कें और पुल दे रहे हैं गति, प्रति वर्ष बनाए जा रहे 211 पुल

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प्रदेश के विकास की मजबूत नींव में बेहतर सड़कें और पुल दे रहे हैं गति, प्रति वर्ष बनाए जा रहे 211 पुल


लखनऊ, 21 जुलाई (हि.स.)। किसी भी राज्य या राष्ट्र की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति उसकी सड़क एवं परिवहन व्यवस्था पर निर्भर करती है। सड़कें केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे विकास, निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और समृद्धि की आधारशिला होती हैं। जब किसी प्रदेश की सड़कें बेहतर होती हैं, तो किसान अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुँचा पाते हैं, उद्योगों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद के परिवहन में सुविधा मिलती है, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक पहुँच आसान होती है तथा मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हो पाती हैं।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने मंगलवार काे बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने आधारभूत संरचना के विकास को नई दिशा और नई गति प्रदान की है। वर्ष 2012 से 2017 तथा वर्ष 2017 के बाद की अवधि के तुलनात्मक आँकड़े इस परिवर्तन की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। ये आँकड़े केवल निर्माण कार्यों की संख्या नहीं दर्शाते, बल्कि बदलती कार्यसंस्कृति, बेहतर योजना, प्रभावी निगरानी और परिणामोन्मुखी प्रशासन का भी प्रमाण हैं।

प्रदेश सरकार ने सड़कों के निर्माण एवं चैड़ीकरण को विकास की प्राथमिकता बनाया। इसी सोच का परिणाम है कि जहाँ 01 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के बीच पाँच वर्षों में कुल 31,868 किलोमीटर सड़कों का चैड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण किया गया था, वहीं 01 अप्रैल 2017 के बाद यह उपलब्धि बढ़कर 66,838 किलोमीटर तक पहुँच गई। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों को नई गति और व्यापक विस्तार मिला है।

वर्तमान समय में विभाग औसतन 20 किलोमीटर प्रतिदिन की गति से सड़कों का नवनिर्माण और चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण का कार्य कर रहा है। यह केवल गति का संकेत नहीं, बल्कि बेहतर परियोजना प्रबंधन, समयबद्ध क्रियान्वयन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परिचायक भी है। इस व्यापक सड़क विकास का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को मिला है। जिन गाँवों तक पहले पहुँचने में घंटों लग जाते थे, वहाँ अब बेहतर सड़क संपर्क के कारण आवागमन सुगम हुआ है। इससे कृषि उत्पादों के परिवहन की लागत कम हुई है, ग्रामीण बाजारों का विस्तार हुआ है तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है। साथ ही धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुँच बनने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।

सड़क निर्माण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। किसी भी सड़क का निर्माण जितना महत्वपूर्ण होता है, उसका समय-समय पर नवीनीकरण और रखरखाव उतना ही आवश्यक होता है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2012-2017 के दौरान 35,843 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया गया था, जबकि वर्ष 2017 के बाद यह आँकड़ा बढ़कर 2,93,082 किलोमीटर तक पहुँच गया। यह लगभग 650 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है।

वार्षिक औसत में भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलता है। पहले जहाँ प्रतिवर्ष औसतन 7,168 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया जाता था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 31,413 किलोमीटर प्रतिवर्ष हो गया है। वहीं वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 591 पुलों का निर्माण किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2017 के बाद दीर्घ, लघु एवं उपरिगामी निर्मित पुलों की संख्या लगभग दो हजार हो गई है। पुल निर्माण में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई। वार्षिक औसत भी 118 पुल प्रति वर्ष से बढ़कर लगभग 211 पुल प्रति वर्ष हो गया। इससे अनेक ऐसे क्षेत्र, जो पहले बरसात के मौसम में कट जाते थे, अब पूरे वर्ष निर्बाध रूप से जुड़े रहते हैं।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि आज उत्तर प्रदेश का सड़क एवं पुल नेटवर्क केवल भौतिक संरचना का विस्तार नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के समग्र विकास का आधार बन चुका है। बेहतर कनेक्टिविटी से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, पर्यटन और निवेश जैसे सभी क्षेत्रों को नई गति मिली है। यह परिवर्तन केवल आँकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के दैनिक जीवन में महसूस किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय

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