विकसित भारत-2047' पर देवरिया में मंथन, जनभागीदारी को बताया विकास की सबसे बड़ी ताकत

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विकसित भारत-2047' पर देवरिया में मंथन, जनभागीदारी को बताया विकास की सबसे बड़ी ताकत


देवरिया, 14 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया में देवरिया क्लब में मंगलवार को मानवतावादी अर्थव्यवस्था विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अमृत प्रयास : विजन विकसित भारत-2047 एवं जनभागीदारी द्वारा विकास मॉडल विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने विकसित भारत के निर्माण में जनसहभागिता, सुशासन, आत्मनिर्भरता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास मॉडल की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। संगोष्ठी में जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया।

मुख्य वक्ता गुजरात के संगठन महामंत्री रत्नाकर ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि समाज के हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी इसकी सबसे बड़ी शक्ति बनेगी। उन्होंने कहा कि मानवतावादी अर्थव्यवस्था का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। भारतीय चिंतन, एकात्म मानववाद और स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास मॉडल को समय की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर भी जोर दिया।

देवरिया सदर सांसद शशांक मणि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्रों में हो रहे बदलाव देश की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। सांसद ने कहा कि हमें जामवंत की तरह जनता में छिपे हनुमान को जागृत करना होगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।

इसके बाद विकसित भारत, विकसित देवरिया विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक सुरेंद्र चौरसिया, सुरेंद्र कुशवाहा, सभाकुंवर कुशवाहा, दुर्गेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद तथा अंतर्यामी सिंह ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं का लाभ उठाकर देवरिया को विकास का मॉडल बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, स्थानीय उद्यमिता और सामाजिक संगठनों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हेमंत मिश्रा ने किया। अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने कहा कि ऐसे वैचारिक संवाद समाज को नई दिशा देने के साथ विकास को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हैं। संगोष्ठी के अंत में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर तमकुहीराज विधायक असीम राय, नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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