महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती भाजपा: रूपरेखा वर्मा

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महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती भाजपा: रूपरेखा वर्मा


लखनऊ, 26 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को महिला आरक्षण अधिनियम:: सम्मान या छलावा विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा ने कहा कि हम पुरुषों से समांतर नहीं, संयुक्त हक चाहते हैं, महिला आरक्षण बिल जब 2023 में पास हो गया था तो 2029 तक के लिए क्यों रोका, बिल जब पास 2023 में पास हुआ तो उसी समय कानून क्यों नहीं बनाया, ये महिलाओं से बहुत भद्दा मजाक था। रूपरेखा वर्मा ने कहा कि 2023 में पास महिला आरक्षण अधिनियम के संशोधन करके बीजेपी सीटों पर डकैती डालने की साजिश कर रही थी, जिसे कांग्रेस और राहुल गांधी ने पकड़ लिया।

रूपरेखा वर्मा ने कहा कि सीटों का परिसीमन करते रहते, वह विषय अलग है, महिला आरक्षण अलग, उसे क्यों रोका। बीजेपी की नीयत साफ नहीं है। सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार में बलात्कारियों को बचाया जा रहा है। बीजेपी चुनाव से पहले बलात्कारियों को पैरोल पर बाहर निकाल कर उनका इस्तेमाल करती है। राज्यों में महिलाओं की चिंताजनक हालात है। बीजेपी महिलाओं की हालत पर गम्भीर नहीं है।

कांग्रेस की नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सदैव महिलाओं के उत्थान के लिए काम किए, पं. जवाहर लाल नेहरू और उनके पिता मोतीलाल नेहरू ने महिलाओं के अधिकारों की वकालत की। उन्होंने पार्टी के अंदर और बाहर महिलाओं को अधिकार की बात कही। पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देकर सशक्त करने का काम तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था।

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती, 2023 में जब महिला आरक्षण बिल पास हो गया था, जिसे उस समय कांग्रेस और विपक्ष ने पूरा समर्थन दिया, उसे कानून बनाकर लागू क्यों नहीं किया। सामाजिक कार्यकर्ता नाइस हसन ने कहा कि भाजपा के लोग झूठी बात कहते हैं। 2014 में 282 सीटें होने के बावजूद महिला आरक्षण नहीं दिया। नाइस हसन ने कहा कि हमारी पूजा मत करो। पहले हमें बराबर का इंसान मानों, हमें अधिकार दो, हक दो। हमें देवी मत बनाओ।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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