गर्मी के दिनों में हीट स्ट्रोक से बचें, दिमाग व किडनी पर पड़ सकता है असर : डॉ राजेश प्रसाद
वाराणसी, 24 अप्रैल(हि. स.)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने पत्रकारों से कहा कि शरीर में पानी और नमक की कमी होने से रक्त संचार में बाधा पहुंचती है, जिसकी वजह से हीट स्ट्रोक की समस्या होती है। शरीर में तापमान का उतार-चढ़ाव सहन करने की पर्याप्त क्षमता होती है लेकिन एक सीमा के बाद जब अत्यधिक गर्मी में रहते हैं तो शरीर वातावरण के मुताबिक अपने आपको संतुलित नहीं कर पाता है और हीट स्ट्रोक की समस्या हो जाती है। इससे दिमाग व किडनी पर असर पड़ सकता है। शरीर में रक्त संचार प्रभावित हो सकता है। आंखों में जलन हो सकती है। हृदय से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। मांसपेशियों में दिक्कत हो सकती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के इस मौसम में हीट स्ट्रोक, डायरिया, उल्टी, पीलिया, टाइफाइड, वायरल फीवर, आँखो का लाल होना, त्वचा में जलन होना आदि तरह के बीमारियां होती है। इसका प्रतिकूल प्रभाव शरीर पर पड़ता है जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है। गर्म हवाओं या लू के प्रभाव के कारण शारीरिक कठिनाईयों से बचने के लिए जनहित में लोगों से अपील की है, थोड़ी सी सावधानी को अपना कर इससे बचाव को किया जा सकता है।
डॉ राजेश प्रसाद ने कहा कि किसी भी व्यक्ति में घमौरियाँ, मरोड़ व ऐंठन के मुख्य लक्षणों में शरीर में कमजोरी होना, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई का आना, कभी कभी मूर्छा आना प्रमुख लक्षण नजर आए तो शीघ्र ही नजदीक के चिकित्सालय व स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की सलाह लेकर उपचार कराएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

