जिन अधिकारियों के कार्यों में विलम्ब है, उनकी जवाबदेही तय की जाए : मुख्यमंत्री याेगी
-मुख्यमंत्री ने लखनऊ मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग की कार्य योजना के सम्बन्ध में बैठक की
लखनऊ, 17 जून (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार काे अपने सरकारी आवास पर लखनऊ मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक में मण्डल के जनपद लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के जनप्रतिनिधिगण ने अपने-अपने क्षेत्रों से सम्बन्धित प्रमुख नव प्रस्तावित परियोजनाओं, अधोसंरचनात्मक आवश्यकताओं एवं जनअपेक्षाओं से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं की गहन समझ होती है। शासन की योजनाओं के निर्धारण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में उनके अनुभव हमारे लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। इसके दृष्टिगत प्राप्त प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही कार्ययोजना शासन को प्रेषित करें, जिससे उन्हें इस माह के अन्त तक स्वीकृत कर कार्य प्रारम्भ कराए जा सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लखनऊ मण्डल के सभी जनपदों के विभिन्न विकास खण्डों की लगभग 41,229 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के 4,204 विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को गम्भीरता से लिया जाए और उनके द्वारा बतायी गयी प्राथमिकता के आधार पर इन परियोजनाओं को चरणबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डल के सभी जनपदों एवं विधान सभा क्षेत्रों की अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विशिष्टताएँ हैं। इन्हें सशक्त किये जाने के लिए विगत वर्षां में अनेक कार्य किए गए हैं। इसके दृष्टिगत मण्डल के प्रत्येक जनपद एवं विधानसभा क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समयबद्धता, सतत संवाद एवं नियमित फीडबैक अनिवार्य है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर संवेदनशील है और उनके सुझावों और माँगों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना के निर्माण के दौरान प्रभावितों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए तथा उचित मुआवजा भी दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से सम्बन्धित सड़कों, स्टेट हाईवे, दीर्घ सेतु, लघु सेतु, आर0ओ0बी0/आर0यू0बी0, धर्मार्थ स्थलों की सड़कों, फ्लाईओवर निर्माण, सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित प्रस्तावों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए वरीयताक्रम के आधार पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिला मुख्यालय को 4-लेन से जोड़ने, चीनी मिल की सड़कें, सिंगल कनेक्टिविटी वाली सड़कों का निर्माण और ब्लैक स्पॉट सुधार से सम्बन्धित कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण कराएं।
मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में लोक निर्माण विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा भी की। उन्हें अवगत कराया गया कि 3,238 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। मुख्यमंत्री ने अवशेष कार्यां को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों के कार्यां में विलम्ब है अथवा जिन्होंने अभी तक कार्य प्रारम्भ नहीं किए हैं, ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी बिन्दुओं पर समयबद्ध, समन्वित एवं पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों से परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं शिलान्यास कराएं। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। प्रत्येक कार्य का गुणवत्तापूर्ण निर्माण एवं निष्पक्ष मॉनिटरिंग शासन की प्राथमिकता में शामिल है।
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला

