मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 912 चयनित अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र
लखनऊ, 20 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब किसी अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण, पारदर्शी तरीके से होता है तो यह सिर्फ केवल एक व्यक्ति के परिवार के लिए नहीं बल्कि शासन और आम नागरिक के प्रति एक विश्वास का प्रतीक भी बनता है।
उन्हाेंने कहा कि 2017 से पहले मैंने उत्तर प्रदेश की व्यवस्था को बहुत नजदीक से देखा था और महसूस भी करते थे। भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों को लेकर उस समय नौजवानों के सामने निराशा, हताशा हम लोगों ने महसूस किया था। उस समय बेहतर कार्य करने की इच्छाशक्ति का अभाव था, भाई भतीजावाद का बोलबाला पूरे सिस्टम को जकड़े हुए था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया में विसंगतियां हों तो विश्वास कहां से होगा। विज्ञापन आते ही हर युवा के मन एक भाव आता था कि भर्ती बिना सिफारिश, बिना लेन देन के पूरी नहीं होगी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले परीक्षा की शुचिता को लेकर प्रश्न खड़े होते थे। पेपरलीक के मामले अलग होते थे। यूपी पुलिस में तो इस कदर बदनामी थी कि परीक्षा कोई देता था, नियुक्तिपत्र प्राप्त कोई करता था। जो एप्लिकेंट नहीं थे, उनको नियुक्तिपत्र बांट दिए जाते थे। जो आवेदनकर्ता योग्य थे, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था। उन पर लंबी जांचें चलीं, लेकिन परिणाम शून्य था।
2017 में हमने आकर तय किया कि भर्ती प्रक्रिया में हम रिफॉर्म करेंगे। जो भी बोर्ड आयोग हों या शिक्षा के अलग-अलग पार्ट हों, हमने तीनों को एक साथ शिक्षा आयोग का गठन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम योग्य अभ्यर्थियों का चयन करते हैं तो कैसे परिवर्तन होता है। उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्ष में आया परिवर्तन इसका उदाहरण है।
उन्हाेंने कहा कि प्रदेश वही है, हम अलग से कुछ लेकर नहीं आये, पद यथावत हैं। ऐसा भी नहीं कि मैं गोरखपुर या दिल्ली या बाहर से कोई अधिकारियों को लेकर आया और उनके माध्यम से प्रदेश संचालन कर रहा हूं। वही मानवबल है लेकिन लोगों के दृष्टिकोण में परिवर्तन आया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला

