(अपडेट) जनसेवा सरकार का कर्तव्य, इसी पथ पर चल रही सरकार : मुख्यमंत्री योगी

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(अपडेट) जनसेवा सरकार का कर्तव्य, इसी पथ पर चल रही सरकार : मुख्यमंत्री योगी


(अपडेट) जनसेवा सरकार का कर्तव्य, इसी पथ पर चल रही सरकार : मुख्यमंत्री योगी


-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' में एक-एक फरियादी से मिलकर सुनीं समस्याएं

लखनऊ, 20 अप्रैल (हि. स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' में प्रदेश भर से आए फरियादियों से मुलाकात की, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के अंदर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा सरकार का कर्तव्य है और सरकार अपने कर्तव्य पथ पर चलकर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा कर रही है। हर उचित समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संकल्पित है।

बरेली की रहने वालीं दीप्ति 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना दर्द बयां किया। पीड़ित ने बताया कि वह किराए के मकान में रहती है और ठेला लगाकर जीवनयापन कर रही है। आर्थिक विपन्नता के कारण बच्चों के लालन-पालन में काफी परेशानी हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बरेली के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि महिला की समस्या सुनकर पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाते हुए स्थानीय स्तर पर समस्या का त्वरित समाधान कराएं। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को देखकर दीप्ति की आंखें भर आईं। चेहरे पर खुशी का भाव लिए हुए उन्होंने जाते-जाते मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और उन्हें ढेर सारी दुआएं भी दीं।

'जनता दर्शन' में कुछ लोगों ने आवास की मांग से संबंधित प्रार्थना पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें सुनते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर पात्र व्यक्ति को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध करा रही है। योगी ने संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को आवेदकों का पत्र भेजते हुए उन्हें निर्देशित किया कि पात्रता के आधार पर इन्हें भी आवास योजना का लाभ दिलाएं। इन लोगों ने भी मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।

मुख्यमंत्री के पास कुछ लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री योगी ने तत्काल एस्टिमेट बनवाकर शासन को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि आप परिजन की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार करेगी। वहीं कुछ अभिभावकों ने आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए बच्चों की पढ़ाई पर चिंता जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी बच्चे का स्कूल नहीं छूटना चाहिए। बच्चे जहां पढ़ रहे हैं, वहीं उनकी शिक्षा जारी रहे, इसके लिए प्रबंधन से वार्ता कर बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जे और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही का संज्ञान लेते हुए इन प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई कराने का निर्देश दिया और कहा कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन समस्या का समाधान कराकर पीड़ितों को संतुष्ट करे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला

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