गोरखपुर में गोड़धोइया नाला परियोजना से अब हाे रहा निर्बाध जल प्रवाह, लोगों को जल भराव से मिली मुक्ति

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गोरखपुर में गोड़धोइया नाला परियोजना से अब हाे रहा निर्बाध जल प्रवाह, लोगों को जल भराव से मिली मुक्ति


गोरखपुर में गोड़धोइया नाला परियोजना से अब हाे रहा निर्बाध जल प्रवाह, लोगों को जल भराव से मिली मुक्ति


गोरखपुर में गोड़धोइया नाला परियोजना से अब हाे रहा निर्बाध जल प्रवाह, लोगों को जल भराव से मिली मुक्ति


गोरखपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से साकार हुए 495 करोड़ रुपये की लागत वाले गोड़धोइया नाला परियोजना से इस वर्ष तकरीबन आधे शहर की जलभराव की समस्या दूर हो गई है। ऐसा पहली बार हुआ कि जब भी बारिश हुई, महानगर के उत्तरी हिस्से के 17 वार्डों में पानी नहीं लगा। सारा पानी गोड़धोइया नाला होते हुए आरकेबीके मोहद्दीपुर के पास रामगढ़ताल में चला गया। जब तक गोड़धोइया नाले का पुनरोद्धार नहीं हुआ था तो बारिश होने पर ये वार्ड बुरी तरह जलभराव की चपेट में आ जाते थे।

गोड़धोइया नाला गोरखपुर के सबसे पुराने नालों में से एक है। यह कई दशकों तक उपेक्षा और गंदगी का पर्याय बना रहा। अतिक्रमण के कारण यह नाला एक तरह से विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके जीर्णोद्धार के लिए पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और ट्रीटमेंट की परियोजना बनवाई। 495 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में पक्का नाला निर्माण सहित कई कार्य पूरे हो चुके हैं, सिर्फ सीवर लाइन बिछाने का काम कुछ हद तक बचा है। पक्का नाला बन जाने से अब बारिश में भी शहर के उत्तर दिशा में जल भराव नहीं हो रहा है, इस नाले से सारा पानी निकल जा रहा है।

कार्यदायी संस्था जल निगम (शहरी) के अधिशासी अभियंता पकंज कुमार के अनुसार गोड़धोइया नाला 9.50 किलोमीटर लंबाई और 10 मीटर चौड़ाई में, पक्का बना है। गोड़धोइया नाला परियोजना में 36 एमएलडी की एसटीपी का काम भी पूरा हो गया है। नाले पर 14 ब्रिज और 61 एमएलडी मास्टर पंप स्टेशन (एमपीएस) का काम भी कराया गया है। इसके साथ ही 18 किलोमीटर सीवर लाइन भी पड़ रही है। सबकुछ सामान्य रहा तो एक से दो माह में यह कार्य भी पूर्ण हो जाएगा। सीवर लाइन पूर्ण हो जाने पर नाले में सीवर नहीं गिरेगा।

साढ़े तीन लाख की आबादी हो रही लाभान्वित

महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि गोड़धोइया नाला परियोजना से गोरखपुर उत्तर क्षेत्र की तीन लाख आबादी लाभान्वित हो रही है। नाला पुनरोद्धार होने से बिछिया जंगल तुलसीराम पश्चिमी, शिवपुर शहबाजगंज, जंगल शालिग्राम, बिछिया जंगल तुलसीराम पूर्वी, रेलवे बिछिया कॉलोनी, शाहपुर, भेड़ियागढ़, घोसीपुरवा, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला, राप्तीनगर सहित डेढ़ दर्जन वार्डों को जलभराव दूर करने में बड़ी सहूलियत मिली है। महापौर का कहना है कि गोड़ धोइया नाला परियोजना सीएम योगी की दूरदर्शिता का मॉडल है। इस परियोजना से महानगर को जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल रही है।

मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिकता वाली परियोजना

गोरखपुर शहर को स्वच्छ, सुंदर और जलभराव मुक्त बनाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाले कार्यों में गोड़धोइया नाला परियोजना भी शामिल है। पक्का नाला, एसटीपी और सीवरेज लाइन निर्माण शुरुआत होने के पहले से लेकर निर्माण प्रक्रिया के दौरान वह खुद कई बार भौतिक निरीक्षण कर चुके हैं।

आने वाले समय में पर्यटन स्थलों में होगा शामिल

गोड़धोइया नाला अब केवल बारिश का पानी निकालने का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में शहर के प्रमुख आकर्षण और पर्यटन स्थलों में भी शामिल होगा। सीवर लाइन का काम पूरा हो जाने के बाद इसके दोनों किनारों का सुंदरीकरण किया जाएगा। जिससे लोगों की चहल-पहल इस नाले के किनारे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश के मुताबिक गोड़धोइया नाला के किनारे सर्विस लेन, फुटपाथ, आकर्षक लाइटिंग, रेलिंग, बैठने के लिए बेंच और हरियाली विकसित की जाएगी। सुबह और शाम लोग नाले के किनारे टहल सकेंगे और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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