उप्र सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन समेत कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी

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उप्र सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन समेत कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी


लखनफ, 04 अगस्त(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार काे आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुपूरक बजट के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे, जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बैठक में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण' के गठन के साथ ही जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस-वे तक बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे काे मंजूरी मिली है। इसके साथ ही किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कई फैसले लिए गए।

राजधानी लखनऊ में मंगलवार को आयोजित योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में सरकार ने प्रयागराज और आसपास के जिलाें के समन्वित विकास के लिए 'प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण' के गठन को मंजूरी दी है। इस नए विकास क्षेत्र का कुल दायरा 23,053 वर्ग किलोमीटर तय किया गया है। इस प्राधिकरण के अंतर्गत कुल छह जिले प्रयागराज, चित्रकूट, फतेहपुर, बांदा, कौशांबी और हमीरपुर आएंगे। इन सभी जिलों में सड़क, आवास, औद्योगिक निवेश, और धार्मिक पर्यटन का तेजी से और योजनाबद्ध विस्तार करना है। महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली एनसीआर और लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर इस पूरे क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास को नया आयाम

सरकार के सूत्राें ने बताया कि बैठक में प्रदेश में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस-वे तक (वाया बुलंदशहर) बनने वाले 74.467 किलोमीटर लंबे, 6-लेन प्रवेश-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के आगणन को अपनी स्वीकृति दी है। इस एक्सप्रेस-वे को भविष्य की जरूरतों के अनुसार 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। प्रदेश के सात प्रमुख स्थानों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भूमि अधिग्रहित कर उसे बहुउद्देशीय हब विकसित करने हेतु आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ और नोएडा में अत्याधुनिक 'यु-हब स्थापित किए जाएंगे।

सामाजिक कल्याण, योजनाएं और बोर्ड का गठन

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय के लाेगाें के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए 'उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड' के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है। इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत संचालित 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0' के क्रियान्वयन हेतु इसके मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन एवं नए परिव्यय को स्वीकृति दी गई है। ग्राम्य विकास विभाग की समुदाय परियोजना को चलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मेसर्स एच.सी.एल. फाउंडेशन के बीच वर्ष 2015 से चले आ रहे समझौते को अगले पांच साल के लिए पुनः बढ़ाने का भी फैसला हुआ है।

कृषि एवं किसान कल्याण हेतु फसल बीमा योजना

योगी सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम के बदलाव से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 (खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27) में संपूर्ण प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को लागू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है।

बैठक में नाेएडा और लखनऊ में यू हब डीप टेक हब की स्थापना के प्रस्ताव काे मंजूरी दी गयी है। हब का चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाएगा। बैठक में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मदरसों में कामिल और फाजिल की डिग्री देने की प्रक्रिया पहले ही रोक दी गई थी। इसलिए बैठक में कामिल और फाजिल की डिग्री व इससे संबंधित मदरसा शिक्षा परिषद के प्रावधानों व अधिनियम को विलोपित करने के संशोधन आलेख को मंजूरी दी गयी। इसके अलावा भी कई अन्य प्रस्तावाें काे हरी झंडी दी गयी है ताकि प्रदेश के विकास काे और गति दी जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

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