कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 में तेजी से आगे बढ़ रहा सिविल निर्माण कार्य : सुशील कुमार
कानपुर, 14 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर में मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) में सिविल निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत दो चरणों में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो सेवाओं के विस्तार के बाद, अब हमारा अगला लक्ष्य तीसरे चरण में इस सेक्शन के बचे हुए भाग (कानपुर सेंट्रल-नौबस्ता) पर यात्री सेवाओं का विस्तार करना है। इसके लिए तैयारियां सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ रही हैं। यह जानकारी बुधवार को यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने दी।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) के अंतर्गत दो हिस्सों में तैयार हो रहे लगभग 4.50 किमी. लंबे एलिवेटेड सेक्शन के पहले ट्रैक-बीम की कास्टिंग (ढलाई) की शुरुआत आज निर्माणाधीन बर्रा-7 मेट्रो स्टेशन में की गई। इस ट्रैक-बीम की लंबाई लगभग 61 मीटर और चौड़ाई लगभग 25 मीटर है, जिसे दो भागों में कास्ट किया जाना है।
बर्रा-7 मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए पहले एल-बीम कास्ट करने के बाद अब ट्रैक-बीम की ढलाई का कार्य भी आरंभ कर दिया गया है। ट्रैक बीम मेट्रो रेल प्रणाली की रीढ़ की हड्डी की तरह होता है, जो सुरक्षा, स्थिरता और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करता है।
ट्रैक बीम का मुख्य कार्य मेट्रो रेल की पटरियों को मजबूत और स्थिर आधार प्रदान करना होता है, ताकि ट्रेन सुरक्षित रूप से चल सके। ट्रेन का वजन, यात्रियों का भार और गतिशील बल ट्रैक बीम के माध्यम से पिलर या स्टेशन संरचना में समान रूप से वितरित होता है। इसके साथ ही ट्रैक बीम पटरियों के सही लेवल और अलाइनमेंट को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है, जिससे यात्रा सुगम और झटकों से मुक्त रहती है।
कॉरिडोर-2 (सीएसए - बर्रा-8) की रूपरेखा
विदित हो कि लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए - बर्रा-8) में से 4.50 किमी सेक्शन एलिवेटेड है, जिसका निर्माण दो हिस्सों में हो रहा है; पहला हिस्सा कंपनी बाग चौराहे से सीएसए परिसर में स्थित कॉरिडोर-2 डिपो रैंप तक और दूसरा हिस्सा डबल पुलिया रैंप से बर्रा-8 तक। उक्त सेक्शन में पांच स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है; एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8। कॉरिडोर-2 में इस एलिवेटेड सेक्शन के अलावा तीन स्टेशनों (रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया) वाला लगभग 4.10 किमी लंबा अंडरग्राउंड सेक्शन भी है, जिसके टनलिंग का कार्य प्रगति पर है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

