चैत्र नवरात्र में ऐसी व्यवस्था बनाएं कि विंध्याचल की छवि आदर्श धार्मिक स्थल के रूप में स्थापित हो : सीएम योगी

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चैत्र नवरात्र में ऐसी व्यवस्था बनाएं कि विंध्याचल की छवि आदर्श धार्मिक स्थल के रूप में स्थापित हो : सीएम योगी


- सुगम दर्शन और श्रद्धालुओं की बेहतर यात्रा व्यवस्था करने के निर्देश

मीरजापुर, 17 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्र मेला की तैयारियों के दृष्टिगत मीरजापुर दौरे पर आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अष्टभुजा निरीक्षण गृह में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेला प्रबंधन, विकास योजनाओं, कानून व्यवस्था और रोजगार सृजन तक का विस्तृत खाका खींचा।

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा कि मेला प्रबंधन इस प्रकार किया जाए कि श्रद्धालु संतोषपूर्वक मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर अपने गंतव्य को लौटें और विंध्याचल की छवि एक आदर्श धार्मिक स्थल के रूप में स्थापित हो। उन्होंने कहा कि विंध्याचल मेला को पूर्णत: प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए तथा धाम के सुंदरीकरण के साथ साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष बल दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि नवरात्र व रामनवमी के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन, सुरक्षित वातावरण और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मेला क्षेत्र, मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के साथ डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सुरक्षा का मल्टी-लेयर प्लान

उन्होंने कहा कि घाटों पर बैरीकेटिंग, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। गंगा में स्नान के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस व गोताखोरों की तैनाती के साथ नाविकों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। महिला सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे तथा पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

मूलभूत सुविधाओं का फुल पैकेज

मुख्यमंत्री ने पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, शौचालय व पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा श्रद्धालुओं को कम दूरी तय करनी पड़े, इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। होटल व दुकानों पर गुणवत्ता युक्त सामग्री की बिक्री सुनिश्चित करने और ओवररेटिंग पर रोक लगाने को कहा गया। ई-रिक्शा व ऑटो चालकों का सत्यापन कर उन्हें पहचान पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर, दवाइयां, ओआरएस, चिकित्सकों की उपस्थिति और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों व रैन बसेरों पर भी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।

विकास और योजनाओं पर सख्त निर्देश

विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं को समयबद्ध व गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ संयुक्त सत्यापन करने के निर्देश दिए।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर फोकस

उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय करने तथा निवेशकों को समय पर भूमि उपलब्ध कराने पर बल दिया। सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र के लिए 100 एकड़ भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए।

कानून व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस

कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गौ तस्करी व गौकशी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री को शत-प्रतिशत पूर्ण करने और चकबंदी मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

प्रशासन की हाईटेक तैयारी

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि मेला क्षेत्र को 10 जोन व 21 सेक्टर में विभाजित किया गया है। निगरानी के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन लगाए जाएंगे। 21 पार्किंग स्थल, पेयजल की व्यापक व्यवस्था, अस्थायी व स्थायी शौचालय, स्वास्थ्य शिविर, अतिरिक्त रोडवेज बसें तथा साफ-सफाई के लिए बड़ी संख्या में कर्मियों की तैनाती की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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