महिला उत्पीड़न के मामले में उपाध्यक्ष का स्वयं मौके पर जाकर जांच करना पूरी तरह उचित : डॉ बबीता सिंह
अमेठी, 16 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने महिला उत्पीड़न से जुड़े एक प्रकरण में अपर्णा यादव और लखनऊ स्थित मेडिकल कॉलेज के कुलपति के बीच चल रहे विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष का किसी भी महिला उत्पीड़न के मामले में स्वयं मौके पर जाकर जांच करना पूरी तरह उचित और संवैधानिक अधिकार है। इसमें किसी भी प्रकार की आपत्ति या विवाद का कोई औचित्य नहीं है।
शुक्रवार को अमेठी दौरे पर पहुंचीं डॉ. बबीता सिंह चौहान ने पत्रकारों से बातचीत में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का समर्थन करते हुए कहा कि यदि अपर्णा यादव किसी महिला उत्पीड़न की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज गई थीं तो वहां मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को उनसे मिलकर सहयोग करना चाहिए था। महिला आयोग को राज्य के किसी भी हिस्से में जाकर निरीक्षण व जांच करने का अधिकार है। यदि इस दौरान कोई चूक सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होती है। किसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक या चिकित्सा संस्थान में महिला उत्पीड़न की घटना होना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।
डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के मामलों में आयोग किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने अधिकारियों से महिलाओं के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी ली और संतोषजनक जवाब न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने जिला अस्पताल गौरीगंज का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में आयोजित कन्या जन्मोत्सव, गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में उन्होंने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई गई और 6 माह के बच्चों का प्रथम अन्नप्राशन कराया गया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं की माताओं को बेबी किट और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस दौरान डॉ. बबीता सिंह चौहान ने महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मिशन शक्ति कार्यक्रम सहित महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से ही आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे उसकी शिक्षा तक की व्यवस्था सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि आज समाज में बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। “बेटा एक घर को रोशन करता है, जबकि बेटियां दो-दो घरों को रोशन करती हैं।” उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने टीकाकरण कक्ष, एसएनसीयू वार्ड, डायलिसिस वार्ड, आयुष्मान भारत वार्ड और ऑपरेशन कक्ष का निरीक्षण कर मरीजों से बातचीत की और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश चिकित्सकों को दिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीपी अग्रवाल, एसडीएम गौरीगंज प्रीति तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी

