मीरजापुर: गो-आश्रय स्थल में छह गोवंश मृत मिले, अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल

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मीरजापुर: गो-आश्रय स्थल में छह गोवंश मृत मिले, अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल


मीरजापुर, 22 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में छानबे क्षेत्र के नीबी गहरवार गांव स्थित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल में शनिवार को छह गोवंश मृत पाए गए। आश्रय स्थल में करीब 281 गोवंश रखे गए हैं। लगातार गोवंशों की मौत से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर पशु चिकित्सक मौजूद होने के बावजूद मृत गोवंशों का बिना पोस्टमार्टम कराए जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया।

बताया गया कि मृत गोवंशों को कूड़ा वाहन में लादकर सरपत के झुरमुट के पास खोदे गए गड्ढे तक ले जाया गया। इसके बाद उन्हें गड्ढे में डालकर मिट्टी से ढक दिया गया। आश्रय स्थल में कई अन्य गोवंश भी मरणासन्न हालत में बताए जा रहे हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र पाठक के निर्देश के बाद राजकीय पशु चिकित्सालय हरगढ़ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुभाष सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से गोवंशों का उपचार कर रही है। इसके बावजूद मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है।

शनिवार शाम तक बीडीओ रामपाल और एडीओ पंचायत बृजेश सिंह आश्रय स्थल की व्यवस्था सुधारने में जुटे रहे। आश्रय स्थल में कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से गोवंशों के बीमार होने की बात सामने आई है। वहीं भूसे के साथ हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की भी शिकायत है।

मामला जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के संज्ञान में आने के बाद सीवीओ डॉ. भूपेंद्र पाठक, डीडीओ राजीव शर्मा और नायब तहसीलदार गरिमा यादव आश्रय स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। ग्राम पंचायत की जमीन की पैमाइश कर गोबर रखने और चारागाह के लिए भूमि सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।

बीडीओ रामपाल ने बताया कि आश्रय स्थल में भूसा, चारा और पशु आहार की समुचित व्यवस्था कराई जा रही है। व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कीचड़ और जलभराव की समस्या को दूर करने के साथ गोवंशों के उपचार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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