ब्रह्माकुमारीज में विजयादशमी पर आंतरिक बुराइयों के त्याग का संकल्प
- बीके बिंदु दीदी ने लगाया विजय तिलक, राजयोग मेडिटेशन से आत्मबल बढ़ाने का दिया संदेश
मीरजापुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। शुक्लहा स्थित ब्रह्माकुमारीज के प्रभु उपहार भवन में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी ने लोगों को काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों पर विजय प्राप्त करने का संदेश दिया।
बीके बिंदु दीदी ने कहा कि विजयादशमी केवल रावण पर विजय का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। व्यक्ति को अपनी कमजोरियों को पहचानकर नकारात्मक संस्कारों का त्याग करना चाहिए। श्रेष्ठ विचार और संस्कार अपनाकर ही जीवन में सुख-शांति लाई जा सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों ने अपनी कमियों को लिखकर उन्हें छोड़ने का संकल्प लिया। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आत्मिक शक्ति और सकारात्मकता का अभ्यास किया गया। इसके बाद बीके बिंदु दीदी ने उपस्थित लोगों को विजय तिलक लगाकर आंतरिक विजय की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सैकड़ों भाई-बहन, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे। सभी ने बुराइयों को त्यागकर श्रेष्ठ संस्कार अपनाने और जीवन को शांतिपूर्ण बनाने का संकल्प लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

