जेवर एयरपोर्ट से मीरजापुर को मिलेगी नई उड़ान, विकास को मिलेगा वैश्विक आयाम

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जेवर एयरपोर्ट से मीरजापुर को मिलेगी नई उड़ान, विकास को मिलेगा वैश्विक आयाम


मीरजापुर, 31 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के विकास पथ पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लोकार्पण के साथ ही जनपद मीरजापुर के लिए भी नए अवसरों के द्वार खुल गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकार्पित और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और ‘नए उत्तर प्रदेश’ की आर्थिक उड़ान को गति देगा।

एयरपोर्ट की प्रमुख विशेषताएं

जेवर स्थित यह एयरपोर्ट आधुनिक तकनीकों से लैस होगा। इसकी प्रारंभिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ प्रति वर्ष होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ तक किया जाएगा। कार्गो सुविधा के तहत शुरुआत में 2.5 लाख टन और आगे चलकर 15 लाख टन तक माल ढुलाई की क्षमता विकसित की जाएगी।

मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी (एक्सप्रेसवे, बस, मेट्रो), डिजियात्रा आधारित डिजिटल सेवाएं, एमआरओ, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और ग्रीन एनर्जी आधारित ‘नेट जीरो एमिशन’ डिजाइन इसकी प्रमुख खूबियां हैं।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के साथ-साथ मीरजापुर जैसे जिलों के लिए भी विकास का बड़ा माध्यम बनेगा। इससे यहां के ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे जनपद के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

स्थानीय व्यापारियों, ओडीओपी उद्यमियों और युवाओं ने इस परियोजना को विकास का बड़ा अवसर बताया है। उनका मानना है कि इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

मीरजापुर को होगा बहुआयामी लाभ

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सीधा और अप्रत्यक्ष प्रभाव मीरजापुर के विकास पर पड़ेगा। जनपद के ओडीओपी उत्पाद जैसे दरी, कालीन और पीतल उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बड़ा बाजार उपलब्ध होगा।

इसके साथ ही कृषि, लघु उद्योग और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।

पर्यटन और धार्मिक स्थलों को बढ़ावा

बेहतर कनेक्टिविटी के चलते विंध्याचल धाम और अन्य धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।

आर्थिक विकास का नया इंजन

यह एयरपोर्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एक लाख करोड़ से अधिक का संभावित योगदान देकर विकास का नया इंजन बनेगा। कार्गो और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के जरिए निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।

कनेक्टिविटी होगी आसान

यमुना एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े इस एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होगा। प्रस्तावित मेट्रो, बस और टैक्सी सेवाओं के माध्यम से मीरजापुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

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