मंचों से 'बेटी' और 'नारी' के सम्मान की बात करने वाले दल पुरुषवादी मानसिकता के आगे नतमस्तक : डॉ. वीणा पाण्डेय

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मंचों से 'बेटी' और 'नारी' के सम्मान की बात करने वाले दल पुरुषवादी मानसिकता के आगे नतमस्तक : डॉ. वीणा पाण्डेय


वाराणसी, 18 अप्रैल(हि.स.)। लोक सभा में महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) की राह में रोड़ा अटकाने वाले विपक्षी दलों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ. वीणा पाण्डेय ने कड़ा प्रहार किया है।

उन्होंने वाराणसी में शनिवार को पत्रकारों से कहा कि संसद में विपक्ष ने जो आचरण दिखाया है, उसने यह सिद्ध कर दिया है कि उनकी सहानुभूति केवल चुनावी ढोंग है। विपक्ष का महिला विरोधी चरित्र आज पूरी तरह जनता के सामने आ चुका है। मंचों से 'बेटी' और 'नारी' के सम्मान की बात करने वाले दल आज सदन के भीतर अपनी संकुचित और पुरुषवादी मानसिकता के आगे नतमस्तक हो गए हैं। यह विधेयक का रुकना आधी आबादी (महिलाओं) के संघर्ष और उनके संवैधानिक अधिकारों की हत्या करने जैसा है।

डॉ. वीणा ने कहा कि विपक्ष की परिवारवादी और अवसरवादी राजनीति कभी नहीं चाहती कि देश की साधारण परिवारों से आने वाली प्रखर महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका में आएं। ये नारी शक्ति के बढ़ते कदमों से भयभीत हैं, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं। विपक्ष का यह विश्वासघात नारी शक्ति के आत्मसम्मान को ललकारना है, जिसका उत्तर अब देश की हर माता-बहन सड़कों पर उतरकर देगी। जो दल नारी शक्ति के उदय में बाधक बन रहे हैं, उनका राजनीतिक पतन अब निश्चित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

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