उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के आवास को नगर निगम ने नहीं ताेड़ा, पोते ने बताया परिवार ही घर ध्वस्त कर बनवा रहा संग्रहालय
वाराणसी, 07 नवम्बर (हि. स.)। शहनाई की गूंज से दुनिया में काशी का नाम रोशन करने वाले वाराणसी निवासी भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के आवास को तोड़े जाने की भ्रामक सूचनाओं के बीच, उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के पोते मोहम्मद सिब्तैं ने शनिवार को एक वीडियो जारी कर कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान के आवास को सरकारी तंत्र द्वारा तोड़े जाने की सूचना भ्रामक है। जिस कमरे में उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान साहब शहनाई की साधना किया करते थे, वहाँ वे सभी एक संग्रहालय विकसित कर रहे हैं। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत, संगीत की साधना और एक महान कलाकार की अमूल्य स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का प्रयास है। काशी अपनी विरासत को सहेजना भी जानती है और उसका सम्मान करना भी।
वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि काशी की प्रतिष्ठित विभूतियों के सम्मान में उनके आवास तक जाने वाले मार्गों को, उनके जीवन एवं कृतित्व की थीम पर विकसित करने तथा उनके आवास के किसी कक्ष को संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने की पहल की जा रही है। भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ के परिवारजनों से उनके आवास में संग्रहालय विकसित किए जाने के संबंध में वार्ता की गई थी, जिस पर उनके द्वारा सहमति प्रदान नहीं की गई। परिवारजनों द्वारा भवन को जर्जर बताते हुए स्वयं ध्वस्त कराकर अपने स्तर से पुनर्विकास किए जाने की इच्छा व्यक्त की गई थी। इसलिये उक्त भवन का ध्वस्तीकरण परिवार द्वारा स्वयं कराया गया। चूंकि इस संबंध में नगर निगम को सहमति प्राप्त नहीं हुई थी, अतः नगर निगम द्वारा न तो संग्रहालय विकसित करने का कार्य किया गया और न ही भवन के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही में कोई भूमिका रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद

