शेरकोट में सहकारी समिति की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा, नामजद आरोपियों पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप

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शेरकोट में सहकारी समिति की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा, नामजद आरोपियों पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप


बिजनौर, 27 अप्रैल (हि.स.)। जनपद बिजनौर के थाना शेरकोट क्षेत्र में सहकारी आवास समिति की जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मोहल्ला नोएधना निवासी शाहिद पुत्र असगर ने प्रशासन को दी गई शिकायत में कई लोगों को नामजद करते हुए जमीन हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत के अनुसार, शेरकोट सहकारी आवास समिति लिमिटेड की जमीन वर्ष 1989 में लगभग 3,45,000 रुपये में खरीदी गई थी, जो समिति के 51 पंजीकृत सदस्यों के लिए निर्धारित थी। आरोप है कि बाद में साजिश के तहत फर्जी रसीदें और दस्तावेज तैयार कर जमीन को हड़प लिया गया और धनराशि का दुरुपयोग किया गया।

पीड़ित ने जिन लोगों को नामजद किया है उनमें मौ तालिब पुत्र मोहम्मद ताहिर, सलीम अहमद पुत्र इश्तियाक अहमद, फरयाज अहमद पुत्र मौ याकूब, शौकत अली पुत्र हसमतुल्ला (सचिव), नसीमा खातून पत्नी शौकत अली, शमीम, नसीम, मुनीर पुत्रगण मौ अली, मौ गाजी, मौ कमाल, मौ मुजीब, मौ दानिश पुत्रगण मौ खुर्शीद, तथा मौ कासिम पुत्र मौ हमीद शामिल हैं।

आरोप है कि इनमें से कुछ लोगों ने मिलकर लगभग 12.50 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया और समिति को भारी नुकसान पहुंचाया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित जमीन की वर्तमान कीमत करीब 50 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

पीड़ित के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 को जब वह समिति की जमीन की ओर जा रहा था, तभी नामजद आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन पीड़ित खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

शाहिद ने प्रशासन व पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस मामले में अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि क्या करोड़ों की इस कथित जमीन हेराफेरी में शामिल लोगों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे या नहीं।

यहाँ गौरतलब है कि इस मामले में कुल 17 लोगों को नामजद किया गया है इनमें तालिब का नाम पहले से ही कई घोटालों व भाजपा के पूर्व सांसद भारतेंदु पर हुए हमले में चर्चा में बना है इसी मामले में तालिब सहित तीनों भाई जेल में है जिला प्रशासन ने इनके शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने आरा मशीन सील कर, विकसित की गई अवैध कालोनी के विरुद्ध बुलडोजर अभियान बडे़ स्तर पर चलया है, तालिब के अलावा इनमें पूर्व विधायक मौहम्मद गाजी का नाम भी शामिल है, मौहम्मद गाजी मुजफ्फरनगर जेल में बन्द रहें अपने निकट सम्बन्धी पूर्व विधायक शहनवाज राणा को जेल में अवैध सिम पहुंचाने के आरोप में चार माह मुजफ्फरनगर जेल में भी बन्द रह चुके है इन पर जनपद में एक दर्जन से अधिक मुकदमे पहले से ही दर्ज है | ये लोग अवैध कब्जे व अवैध कालोनी काटने तथा अवैध धन्धे के लिए काफी चर्चा में रहें है |

पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज की गई है और इस मामले में विवेचना के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी |

हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र

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