सीएम डैशबोर्ड के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं ,रेकिंग में लाये सुधार, रेंडम जांच के लिए बनेगी कमेटी

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सीएम डैशबोर्ड के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं ,रेकिंग में लाये सुधार, रेंडम जांच के लिए बनेगी कमेटी


बिजनौर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। जिलाधिकारी बिजनौर उमेश प्रताप सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले सीएम डैशबोर्ड एवं जिला अनुश्रवण पुस्तिका के अंतर्गत सितंबर 2026 तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए रैंकिंग में सुधार सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी विभाग की रैंकिंग ए श्रेणी से नीचे नहीं आनी चाहिए। बैठक में अनुपस्थित रहने पर दुग्ध विकास अधिकारी एवं सेतु निगम के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए समिति गठित कर रैंडम जांच कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए दिसंबर 2026 तक सभी निर्धारित कार्य पूर्ण कर उन्हें चालू हालत में लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए कार्य शुरू होने से पहले, निर्माण के दौरान तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की तस्वीरें अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की तथ्यात्मक समीक्षा की जा सके।

बैठक में सितंबर 2026 की प्रगति के आधार पर विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की रैंकिंग की समीक्षा के दौरान 59 कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं को ए श्रेणी,4 को बी श्रेणी, 4 को सी श्रेणी तथा 4 को डी श्रेणी प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त 13 कार्यक्रम एवं परियोजनाएं नॉट एप्लीकेबल की श्रेणी में रहे। कुल 84 योजनाओं व परियोजनाओं की समीक्षा की जाती है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मुख्य प्रदर्शन घटकों (केपीआई) को ध्यान में रखते हुए कार्य करने तथा जिन योजनाओं एवं कार्यक्रमों की रैंकिंग अपेक्षाकृत कम है, उनमें विशेष सुधार लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति, दिव्यांगजन कल्याण से संबंधित योजनाओं, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति, आवासीय योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की एक-एक कर समीक्षा की। इसके साथ ही सीएनडीएस, लोक निर्माण विभाग तथा यूपी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों एवं संपर्क मार्गों की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विद्युत आपूर्ति की समीक्षा के दौरान संबंधित अभियंता ने अवगत कराया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तथा शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत आपूर्ति की वास्तविक स्थिति की पुष्टि के लिए विभिन्न स्तरों से फीडबैक प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य आवासीय योजनाओं में पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने पर जोर दिया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितताओं एवं शिकायतों की स्थिति उत्पन्न न हो।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा विभागीय रैंकिंग में सुधार के लिए नियमित निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेन्द्र

Livevns.news Desk
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