बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर परिसर में गूंजा ‘सेवा ही संस्कृति’ का संदेश, विद्यार्थियों ने दिखायी रचनात्मकता

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बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर परिसर में गूंजा ‘सेवा ही संस्कृति’ का संदेश, विद्यार्थियों ने दिखायी रचनात्मकता


नुक्कड़ नाटक के जरिए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जवाबदेही के प्रति किया जागरूक

वाराणसी, 09 अक्टूबर (हि.स.)। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की संस्था ‘भारत वैभव’ के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बीएचयू परिसर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर ‘सेवा ही संस्कृति’ विषय पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया। इस दौरान नुक्कड़ नाटक के साथ रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने सेवा और संस्कृति के मूल्यों को सामाजिक एवं अकादमिक जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नाटक के माध्यम से प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग, प्रदूषित होती नदियों, पर्यावरण के प्रति मानवीय जवाबदेही और काशी की सांस्कृतिक पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व, जीवन की सीमित एवं बुनियादी आवश्यकताओं और सादगीपूर्ण जीवनशैली के महत्व को भी रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम से जुड़े डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि भारत सरकार की पहल ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के अंतर्गत देशभर में सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीएचयू में इस आयोजन का उद्देश्य महामना मदन मोहन मालवीय की सेवा संबंधी अवधारणा, संस्थागत समृद्धि तथा काशी की अकादमिक और आध्यात्मिक परंपरा के मूल तत्वों से विद्यार्थियों एवं आमजन को परिचित कराना है।

डॉ. राय ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल आधार सेवा और संकल्प है। जब कला और साहित्य समाज के हित में प्रयुक्त होते हैं, तो वे केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह जाते, बल्कि जनजागरण और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त साधन बन जाते हैं।

इस अवसर पर आईजीएनसीए के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अभिजित् दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत किया। उमापति संस्कृति ट्रस्ट के कलाकारों ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक का नेतृत्व उमेश भाटिया ने किया। इसमें तनुश्री, अनुराग कन्नौजिया, गौरव श्रीवास्तव, प्रशांत कुमार, सोनू कुमार, रोशन और विजय श्रीवास्तव सहित अन्य कलाकारों ने अभिनय किया। प्रस्तुति के दौरान रोहित कुंदन के गायन को विशेष सराहना मिली।

रंगोली प्रतियोगिता में एमएसडब्ल्यू एवं बीए फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विशिष्ट आमंत्रित अतिथि के रूप में बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के वेद विभाग के प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी तथा पुराण-आगम विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. माधव जनार्दन राटटे उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से सेवा, स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण को भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग के रूप में प्रस्तुत किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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