यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराई जाएगी: डॉ. नीरज कुमार
कानपुर, 29 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 की शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना सभी अधिकारियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, सघन जांच और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यह बातें शुक्रवार को जिला समन्वयक डॉ. नीरज कुमार ने शुक्रवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के सीनेट हॉल में आयोजित केंद्र अधीक्षकों, पर्यवेक्षकों, कक्ष निरीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों की ब्रीफिंग बैठक में कहीं।
बैठक में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी की टीम ने बताया कि जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 31 मई को 9168 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक संपन्न कराई जाएगी।
अधिकारियों ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान ऐसा वातावरण बनाया जाए, जिससे अभ्यर्थी स्वयं को सुरक्षित और सहज महसूस कर सकें। बैठक में कहा गया कि छोटी-छोटी व्यवस्थाएं और सतर्कता ही परीक्षा की विश्वसनीयता को मजबूत बनाती हैं।
जिला समन्वयक की जिम्मेदारी निभा रहे एडीएम वित्त ने कहा कि परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और निगरानी की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।
एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी।
सीएसजेएमयू के रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने परीक्षार्थियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने और उन्हें समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नोडल को-ऑर्डिनेटर डॉ. बी.पी. सिंह ने कक्ष निरीक्षकों को अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा कक्ष में पूरी तरह प्रतिबंधित रखने को कहा गया।
बैठक में परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था और गर्मी को देखते हुए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

