बाराबंकी के जिलाधिकारी, कप्तान ने अफीम खेती का किया निरीक्षण, गेहूं की कटाई भी की
बाराबंकी, 02 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने गुरुवार को तहसील नवाबगंज क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम मेहंदीपुर मजरे हरख में पोस्ता/अफीम की खेती का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद किया। अफीम की खेती से होने वाले लाभ एवं आने वाली चुनौतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही जिले के दोनों अधिकारी गेहूं के खेत में पहुंचे और फसल की सांकेतिक रूप से कटाई की।
निरीक्षण के दौरान जिला अफीम अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में वर्तमान में कुल पांच हजार 38 किसान अफीम की खेती कर रहे हैं। इनमें से चार हजार 269 किसान सीपीएस पद्धति के अंतर्गत प्रति किसान लगभग पांच एयर भूमि पर खेती कर रहे हैं, जबकि शेष 769 कृषक एक एयर भूमि पर पारंपरिक चीरा विधि से अफीम उत्पादन कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि अफीम की खेती उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने तथा खेती से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के समाधान एवं आवश्यक सहयोग के लिए निरंतर तत्पर है।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने किसानों एवं संबंधित अधिकारियों से कहा कि अफीम के संग्रहण, भंडारण एवं अवशेष के निस्तारण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संपादित किया जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारु बनी रहे। इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी एवं किसान बन्धु उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी

