बच्चों के कल्याण की योजना में मुख्य सेविका की घोर लापरवाही, डीएम ने रोका वेतन
- जिलाधिकारी ने की जिला पोषण समिति की बैठक
बांदा, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में जिलाधिकारी जे. रीभा ने जिला पोषण समिति की बैठक में साफ शब्दों में चेतावनी दी कि पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्हाेंने खराब प्रगति पर बबेरू की मुख्य सेविका का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बच्चों के वजन की स्थिति, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे गृह भ्रमण, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के कार्यों तथा पोषाहार वितरण की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान बाल विकास परियोजना बबेरू की मुख्य सेविका की प्रगति अत्यंत खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जनवरी माह का वेतन अवरुद्ध किए जाने के निर्देश दिए। वहीं कमासिन परियोजना में आभा आईडी सहित सभी इंडिकेटरों पर संतोषजनक प्रगति न होने पर मुख्य सेविका तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
पोषाहार वितरण की समीक्षा में परियोजनाओं द्वारा मात्र 68 प्रतिशत वितरण चेहरा प्रमाणीकरण के माध्यम से किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि चालू माह में शत-प्रतिशत पोषाहार वितरण अनिवार्य रूप से चेहरा प्रमाणीकरण के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद को प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप पोषण ट्रैकर में उपलब्ध ड्यू लिस्ट के अनुसार सभी पात्र लाभार्थियों के आवेदन तत्काल अग्रसारित किए जाएं। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित सभी परियोजनाओं की मुख्य सेविकाएं, सीडीपीओ तथा बाल विकास योजना से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

