धनुषभंग लीला व परशुराम–लक्ष्मण संवाद देखने को भोर तक डटे रहे दर्शक

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धनुषभंग लीला व परशुराम–लक्ष्मण संवाद देखने को भोर तक डटे रहे दर्शक


धनुषभंग लीला व परशुराम–लक्ष्मण संवाद देखने को भोर तक डटे रहे दर्शक


औरैया, 29 मार्च (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद अजीतमल तहसील क्षेत्र के ग्राम शाहपुर तुमरिहा में बीते 50 वर्षों से पारम्परिक रामलीला के आयोजन में दो दिवसीय आयोजित श्रीरामलीला के दौरान धनुषभंग लीला तथा परशुराम–लक्ष्मण संवाद का भव्य मंचन किया गया। कार्यक्रम को देखने के लिए श्रद्धालु देर रात से लेकर भोर तक डटे रहे। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग किए जाने के प्रसंग को जीवंत कर दिया, जिससे पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।

इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुआ संवाद दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लक्ष्मण जी की ओजपूर्ण वाणी और परशुराम जी के तेजस्वी रूप का कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया जिसमे राम के रूप में गुंजनरामजी, लक्ष्मण के मंचन के रूप में रमाकांत त्रिपाठी, परशुराम के रूप में अनिल दुबे, जनक के रूप में चंद्रकांत भदौरिया, रावण विश्वनाथ, वाणासुर रामपाल, हास्य मनोरंजन में पंकज टकोरा, निशा, कामिनी आदि ने लोगों को भोर सुबह तक पंडाल में डटे रहने को मजबूर किया।

आयोजन समिति के पदाधिकारियों में गजेंद्र सिंह, शिववीर सिंह, उपेंद्र सिंह, राघवेंद्र, सोनू, रविन्द्र सिंह, जयपाल, हरिओम, विजयपाल, सुरेंद्र, हरेंद्र सिंह ने बताया कि रामलीला के माध्यम से समाज में धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश दिया जा रहा है। साथ ही कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और सभी ने लीला की सराहना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

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