औरैया : काकोरी कांड के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में याद किये गये महानायक मुकुंदी लाल गुप्ता
औरैया, 09 अगस्त (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में काकोरी कांड की शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. की ओर से शहीद पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने काकोरी कांड के महानायक क्रांतिकारी भारतवीर मुकुंदी लाल गुप्ता के स्मारक की साफ-सफाई कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान भारतवीर मुकुंदी लाल गुप्ता अमर रहें, भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
इसके बाद ‘यादगार काकोरी कांड’ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने कहा कि नौ अगस्त 1925 को महान क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत के सरकारी खजाने को लूटकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई धार दी थी। इन वीर क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान के कारण ही देश को वर्ष 1947 में आजादी मिली।
समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने काकोरी कांड के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नौ अगस्त 1925 को काकोरी के पास ट्रेन से ले जाए जा रहे ब्रिटिश सरकार के खजाने को क्रांतिकारियों ने लूट लिया था। इस अभियान में राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, सचिंद्र बख्शी, अशफाकउल्ला खां, मुकुंदी लाल गुप्ता, मन्मथनाथ गुप्ता, मुरारी शर्मा, बनवारी लाल और चंद्रशेखर आजाद सहित अन्य क्रांतिकारी शामिल थे। मुकुंदी लाल गुप्ता ने ट्रेन में रखे खजाने के बक्सों के ताले तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके साहस से प्रभावित होकर चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें ‘भारतवीर’ की उपाधि दी थी।
काकोरी कांड के बाद अंग्रेजी हुकूमत ने क्रांतिकारियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया। राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह को फांसी की सजा दी गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

