दिल्ली हॉस्टल हादसे में औरैया निवासी इकलौते बेटे की मौत

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दिल्ली हॉस्टल हादसे में औरैया निवासी इकलौते बेटे की मौत


चार बहनों के इकलौते भाई पवन की मौत से परिवार में मचा कोहराम

औरैया, 07 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली में पांच मंजिला हॉस्टल की इमारत ढहने से कई छात्रों की मौत की घटना में उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में दिबियापुर निवासी सेवानिवृत्त होम्योपैथी फार्मासिस्ट विशंभर सिंह के इकलौते बेटे पवन कुमार की भी मौत हो गई। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सोमवार सुबह पिता विशंभर सिंह अपनी बेटी के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

मृतक पवन चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। वह पढ़ाई पूरी कर बेहतर भविष्य बनाने का सपना लेकर महज दो महीने पहले ही दिल्ली गया था। पवन ने दिबियापुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। इसके बाद 20 जुलाई को उसका दिल्ली विश्वविद्यालय में बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला हुआ था।

परिजनों के अनुसार पवन रक्षाबंधन के पर्व पर घर आया था। उसने अपनी चारों बहनों से राखी बंधवाई। इसके बाद जन्माष्टमी का पर्व परिवार के साथ मनाया और शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गया। रविवार को वह हॉस्टल पहुंचा ही था कि कुछ समय बाद पांच मंजिला इमारत के धराशायी होने से बड़ा हादसा हो गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में बेचैनी फैल गई। दिल्ली में रह रही पवन की बहन प्रियांशी हॉस्टल पहुंची और भाई की तलाश में घंटों जुटी रही। देर रात पवन की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। प्रियांशी पिछले साल दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के बाद गर्ल्स हॉस्टल में रह रही है।

पवन की मां मीरा देवी मानसिक रूप से बीमार हैं। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद उनकी हालत बिगड़ने की आशंका को देखते हुए परिजनों ने अभी तक उन्हें इस हादसे की जानकारी उन्हें नहीं दी है। रिश्तेदारों के घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मोहल्ले के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

जिस घर में बेटे के उज्ज्वल भविष्य को लेकर सपने संजोए जा रहे थे, वहां अब मातम पसरा है। चार बहनों के इकलौते भाई पवन की असमय मौत ने पूरे परिवार और आसपास के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

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