भाजपा की यात्राएं लोकतंत्र के खिलाफ अभियान: आराधना मिश्रा
-कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
लखनऊ, 05 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्रा को लोकतंत्र के खिलाफ अभियान करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर देश में करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के बताए जनसंख्या और मतदाता अनुपात के हिसाब से करीब 3.31 करोड़ मतदाताओं की संख्या कम है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को प्रेसवार्ता में आराधना मिश्रा ने कहा कि भाजपा की इस यात्रा में पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भूमिका है तथा इसके जरिए प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां बदलने की कोशिश की जा रही है।
आराधना मिश्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की यह यात्रा लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना की लड़ाई जारी रखेगी।
यूपी में 3.31 करोड़ मतदाताओं की कमी का दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश की अनुमानित आबादी 25.70 करोड़ बताए जाने का हवाला देते हुए कहा कि यदि इसमें करीब 65 प्रतिशत मतदाता माने जाएं तो प्रदेश में लगभग 16.70 करोड़ मतदाता होने चाहिए। उन्होंने स्थानीय निकायों की मतदाता सूचियों के आंकड़े पेश करते हुए कुल 16.77 करोड़ मतदाता दर्ज होने का दावा किया। इसके विपरीत एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 13.39 करोड़ रह जाने की बात कही। उनके मुताबिक दोनों आंकड़ों के बीच करीब 3.31 करोड़ का अंतर है।
उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 16 करोड़ से अधिक होने की बात कही है। करीब 1.27 करोड़ मतदाताओं के नाम गायब होने, पंचायत मतदाता सूची में दर्ज 66 लाख लोगों के विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नहीं होने और सरकारी योजनाओं के लगभग 55 लाख लाभार्थियों के नाम सूची से बाहर होने पर चिंता जताई गई है। उन्होंने कहा कि 18-19 वर्ष के करीब साढ़े चार लाख युवाओं तथा दूसरे राज्यों से विवाह कर उत्तर प्रदेश आई महिलाओं के नाम भी मतदाता सूची में नहीं होने की बात सामने आई है।
बाबा साहब के बयान का किया उल्लेख
आराधना मिश्रा ने संविधान सभा में 16 जून 1949 को डॉ. भीमराव आंबेडकर की ओर से निर्वाचन आयुक्त के कार्यकाल और कार्यपालिका के प्रभाव से उनकी स्वतंत्रता को लेकर दिए गए वक्तव्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

